रानीवाड़ा/जालौर (महेन्द्र देवासी): शिक्षा के साथ संस्कारों की परंपरा को सहेजते हुए स्वामी श्री आत्मानंद सेवा संस्थान, वात्सल्यधाम रानीवाड़ा द्वारा संचालित विद्यालय में शुक्रवार को नवप्रवेशित बच्चों का आत्मीय स्वागत किया गया। मोली बांधकर, तिलक लगाकर और गुड़ खिलाकर बच्चों का अभिनंदन किया गया। इस स्नेहपूर्ण स्वागत से नौनिहालों के चेहरे खुशी से खिल उठे और विद्यालय परिसर उल्लासमय वातावरण से गूंज उठा। संस्थान निदेशक अमृत पुरोहित ने बताया कि संस्थान में प्रत्येक बच्चे का स्वागत सम्मान, स्नेह और अपनत्व के साथ किया जाता है, ताकि उनमें विद्यालय के प्रति आत्मीयता की भावना विकसित हो तथा वे बिना किसी संकोच के शिक्षा ग्रहण कर सकें। उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना ही नहीं, बल्कि बच्चों के नैतिक, बौद्धिक और सर्वांगीण विकास के लिए संस्कारयुक्त वातावरण उपलब्ध कराना भी है। उन्होंने बताया कि संस्थान द्वारा संचालित वात्सल्य चिल्ड्रन्स होम में जरूरतमंद, असहाय, निराश्रित एवं अनाथ बच्चों के लिए रिक्त सीटों पर नवीन प्रवेश प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। पात्र बच्चों को आवास, भोजन, शिक्षा, अध्ययन सामग्री सहित सभी आवश्यक सुविधाएं पूर्णतः नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं, ताकि आर्थिक अभाव किसी भी बच्चे की शिक्षा में बाधा न बने। अमृत पुरोहित ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि यदि उनके आसपास कोई अनाथ, असहाय या अत्यंत जरूरतमंद बच्चा शिक्षा से वंचित है, तो उसकी जानकारी संस्थान तक पहुंचाएं अथवा स्वयं संस्थान में लाकर उसका प्रवेश करवाएं। उन्होंने कहा कि समाज के सहयोग से अधिक से अधिक बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना ही संस्थान का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि स्वामी श्री आत्मानंद सेवा संस्थान पिछले कई वर्षों से मानव सेवा, शिक्षा एवं सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रहा है तथा जरूरतमंद बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए संकल्पित है। इस अवसर पर व्याख्याता सुरेश कुमार रावल, मुकेश कुमार, विनोद कंवर, मनीषा कंवर, हिना चौधरी, प्रीतम राजपुरोहित, केराराम चौधरी सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
तिलक-गुड़ से हुआ नौनिहालों का स्वागत, वात्सल्यधाम में नवप्रवेश पर खिले बच्चों के चेहरे
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July 17, 2026
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