धरती के भगवान स्वर्गीय डॉ.जेसी जैन‌ के जन्मदिन पर विशेष

AYUSH ANTIMA
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वैसे तो मानव जीवन बहुत दुर्लभ मिलता है लेकिन मानव जीवन को सार्थक करने वाले बिरले ही व्यक्तित्व होते हैं, जो मृत्यु के बाद भी जनमानस के हृदय पटल पर जीवंत रहते हैं। ऐसी महान विभूति अपने सुकर्मों से मानवीय मूल्यों के उच्चतम आयाम स्थापित कर अपनी सांसारिक जीवन यात्रा पूरी कर ईश्वर के श्री चरणों में जगह पाते हैं। झुंझुनूं की धरा वीर प्रसूता होने के साथ ही साधु संतों की तपोभूमि व धार्मिक महत्व के लिए विख्यात रही है लेकिन इसके साथ ही झुनझुनु की एक महान शख्सियत, जिसे धरती के भगवान के रूप में जाना जाता है, इस धरा को गौरवान्वित करने में अपनी महती भूमिका निभाई है। जी हां, धरती के भगवान के नाम से विख्यात डॉ.जेसी जैन जो गांधी चौक में स्थित अपनी निजी क्लिनिक में अपने जीवन के अंतिम दस्तावेज तक आमजन के लिए सस्ता और असरदार ईलाज किया। जैन साहब जो पहली बार मरीज को देखने के मात्र 10 रूपये व दोबारा दिखाने पर मात्र 5 रूपये फीस लेते थे। जैन साहब ने चिकित्सा पेशे को व्यापार के रूप में न देखकर नर सेवा नारायण सेवा के मूलमंत्र के साथ अंगीकार किया। आधुनिक अर्थ युग में उन चिकित्सकों के लिए आदर्श थे, जो भारी-भरकम फीस के साथ महंगा ईलाज करते हैं। डॉ.जैन की सेवा भावना अद्भुत थी कि लोग उन्हें पैसे कमाने वाला डाक्टर के बजाय एक साक्षात देवदूत मानते थे।‌ डॉ.जैन उन लोगों के लिए मिसाल थे, जिनमें बड़े पदों पर पहुंचने के बाद गर्व करने के साथ ही अहंकार की भावना आ जाती है। वे नियमित अपने क्लिनिक पर रोगियों का उपचार करते थे। चिकित्सा में आने वाली राशि को वे सामाजिक कार्यों में लगाते थे। बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आर्थिक रूप से कमजोर बच्चियों की आर्थिक सहायता करते थे। हर माह निशुल्क चिकित्सा कैंप लगाकर लोगों की सेवा करना उनकी आदत में शुमार हो गया। शेखावाटी में शायद ही कोई व्यक्ति जैन साहब के नाम से अनभिज्ञ होगा। सबसे सस्ती और असरदार दवाई लिखते थे। लायन्स क्लब के माध्यम से जन सेवा करना, कम बात करने वाले जैन साहब सिध्दांतों के पक्के थे। इन्हीं सिध्दांतों के चलते उन्होंने सरकारी नौकरी का परित्याग कर दिया। करौली राजस्थान मे जन्मे जैन साहब शेखावाटी के जाने माने जनरल सर्जन थे। उन्होंने 1959 में जयपुर से एमएस गोल्ड मैडल से पास की थी, 1975 में सरकारी नौकरी छोड़ने के बाद झुनझुनु में क्लिनिक खोलकर मानव सेवा को अंगीकार कर लिया। धरती के भगवान स्वर्गीय डॉ.जेसी जैन के जन्मदिन पर आयुष अंतिमा (हिन्दी समाचार पत्र) परिवार की श्रद्धापूर्ण श्रध्दांजली।

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