प्रशासन व सरकारी विकास के दावों ने झुनझुनु को झील में किया तब्दील

AYUSH ANTIMA
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झुंझुनूं (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): मानसून के मौसम में जिला प्रशासन व सरकार दावे करती रही है कि जल भराव की समस्या से मुक्ति मिल जायेगी। इसको लेकर जो नाले बने हैं, उनको साफ करने के लिए लाखों रूपये के टेंडर जारी होते हैं लेकिन धरातल पर शून्य ही दिखाई देता है। झुंझुनूं मुख्यालय का सबसे व्यस्ततम स्थान गांधी चौक का विहंगम दृश्य इस बात की और इशारा कर रहा है कि अब और कितना विकास चाहिए। गांधी चौक से पंचदेव मंदिर वाला मार्ग तो बिना बरसात ही झील बना रहता है। मुनि आश्रम के पास दुकानदारों की शिकायत रहती है कि कभी भी नालियों की सफाई नहीं होती, जिसके कारण गंदा पानी सड़क पर आ जाने से राहगीरों का निकलना मुहाल हो जाता है व बदबू के कारण दुकानदारों को बैठना दूभर हो जाता है। अग्रसेन सर्किल की तो बात करना ही बेमानी होगा। इसको लेकर प्रभारी मंत्री भी इस समस्या से निजात दिलाने के वादे करते रहे हैं लेकिन ढाक के तीन पात वाली स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है। किसान अपने खेत में अनाज के लिए इन्द्र भगवान से बरसात होने की प्रार्थना करता है और झुंझुनूं का आमजन बरसात न होने की कामना करता है। जब जिला मुख्यालय बदहाल है तो बाकी विधानसभा क्षेत्रों के विकास को लेकर बात करना बेमानी होगा।

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