रानीवाड़ा/जालौर (महेन्द्र देवासी): श्री भुज तपगच्छ जैन संघ में चातुर्मास के लिए विराजमान श्रमणी गणनायक आचार्यश्री रश्मिरत्नसूरीश्वरजी महाराज के सान्निध्य में 'हर घर सिद्धितप, घर-घर सिद्धितप' डोर-टू-डोर अभियान के अंतर्गत रविवार को शहर के सात गच्छों के उपाश्रयों में प्रवचनमाला का आयोजन किया गया। दादावाड़ी, छकोटी, आठकोटी, अचलगच्छ, तेरापंथ, घनश्याम नगर, भावेश्वर नगर तथा भानुशाली नगर सहित विभिन्न स्थानों पर धर्मसभा आयोजित हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। आचार्यश्री रश्मिरत्नसूरीश्वरजी महाराज ने प्रवचन में कहा कि पूरे भारत में भुज के सात गच्छों की एकता अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि श्री तपगच्छ जैन संघ द्वारा आयोजित सिद्धिदायक सिद्धितप में 7 वर्ष से 70 वर्ष तक के आराधक पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ सहभागी बन रहे हैं। संघ के अध्यक्ष कीर्तिभाई ने सिद्धितप की जानकारी देते हुए बताया कि 3 अगस्त को उत्तरपारणा होगा तथा 4 अगस्त सुबह 7 बजे चतुर्मुख परमात्मा के समक्ष प्रथम पच्चक्खाण कराया जाएगा। एक से आठ उपवास तक चढ़ते क्रम में कुल 36 उपवास और आठ बियासणा सहित 44 दिनों की कठोर तप आराधना संपन्न होगी। दोनों समय का बियासणा तपगच्छ संघ में ही कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि पर्युषण पारणे पर अंतिम आठ उपवास का पारणा होगा। इसके बाद सामूहिक सांझी, तपस्वी शोभायात्रा, सामूहिक पारणा एवं बहुमान समारोह आयोजित किया जाएगा। 14 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद तपगच्छ संघ परिसर में पुनः सिद्धितप का आयोजन होने से श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। संघ में 21 सिद्धितप पूर्ण करने वाली तपस्वी साध्वी श्री जितारी रेखाश्रीजी का चातुर्मास भी चल रहा है। रविवार को चातुर्मास एवं सिद्धितप के मंगल अवसर पर श्री तपगच्छ युवा मंडल के तत्वावधान में श्रद्धापूर्वक शक्रस्तव अभिषेक का आयोजन भी संपन्न हुआ।
हर घर सिद्धितप, घर-घर सिद्धितप अभियान के तहत सात गच्छों में प्रवचनमाला आयोजित
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July 26, 2026
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