रानीवाड़ा/जालौर (महेन्द्र देवासी): आदर्श विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय, रानीवाड़ा में विद्यार्थियों में अनुशासन, समानता, स्वच्छता तथा अध्ययन के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के उद्देश्य से गणवेश एवं बस्ता प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में कक्षा षष्ठी से द्वादशी तक के सभी विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लेकर अपनी सुसज्जित गणवेश, व्यवस्थित बस्ता तथा अध्ययन सामग्री का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य कांतिलाल चौधरी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जिस प्रकार एक सैनिक का गणवेश उसके अनुशासन, सजगता, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक होता है, उसी प्रकार विद्यालय का गणवेश विद्यार्थियों में अनुशासन, समानता, आत्मगौरव तथा विद्यालय के प्रति अपनत्व की भावना का विकास करता है। उन्होंने कहा कि गणवेश विद्यालय की पहचान होने के साथ-साथ विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को भी निखारता है।
उन्होंने विद्यार्थियों को बस्ते की स्वच्छता एवं सुव्यवस्थित रखरखाव, पाठ्य पुस्तकों और अभ्यास पुस्तिकाओं की देखभाल, गृहकार्य की नियमित पूर्णता, अनुक्रमणिका का सही निर्माण तथा सुंदर एवं स्पष्ट लेखन के महत्व से भी अवगत कराया। उन्होंने कहा कि इन छोटी-छोटी आदतों से विद्यार्थियों में जिम्मेदारी, समयबद्धता और अध्ययन के प्रति गंभीरता विकसित होती है। प्रतियोगिता प्रभारी मनोज लौहार ने बताया कि प्रतियोगिता का मूल्यांकन पूर्व निर्धारित मापदंडों के आधार पर किया गया। निर्णायक मंडल में ज्योतिबाला गर्ग, सुमन भाटी, किंजल जोशी एवं अल्पाजी ने विद्यार्थियों की गणवेश की स्वच्छता, पहनावे की सुसज्जा, बस्ते की व्यवस्था, पुस्तकों की स्थिति, गृहकार्य तथा लेखन शैली का सूक्ष्मता से निरीक्षण कर परिणाम घोषित किए। गणवेश प्रतियोगिता में बाल वर्ग में नंदनी भाटी, किशोर वर्ग में कविता चौधरी तथा तरुण वर्ग में यशपाल सिंह ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं बस्ता प्रतियोगिता में बाल वर्ग में कविता कुमारी, किशोर वर्ग में लता सुथार तथा तरुण वर्ग में अरविंद देवासी प्रथम रहे।
प्रतियोगिता के समापन पर विजेता विद्यार्थियों को विद्यालय परिवार की ओर से बधाई दी गई तथा सभी विद्यार्थियों को नियमित रूप से स्वच्छ गणवेश धारण करने, अध्ययन सामग्री को सुव्यवस्थित रखने और अनुशासित जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया।