चिड़ावा (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा और उनके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विप्र फाउंडेशन, तहसील चिड़ावा की ओर से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम चिड़ावा के उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में बताया गया कि संविधान के 103वें संशोधन के तहत ईडब्ल्यूएस को 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान तो किया गया है, लेकिन व्यावहारिक स्तर पर इस वर्ग को अभी भी अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए फाउंडेशन ने दो प्रमुख मांगें उठाई। पहली मांग के तहत आगामी पंचायती राज एवं नगरीय निकाय चुनावों में ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए भी सीटों के निश्चित आरक्षण का प्रावधान करने की बात कही गई, ताकि इस वर्ग को राजनीतिक प्रतिनिधित्व और लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रभावी भागीदारी मिल सके। दूसरी मांग के तहत राज्य स्तर पर एक स्वतंत्र एवं सशक्त ईडब्ल्यूएस अधिकार संरक्षण आयोग' के गठन की मांग की गई, जो इस वर्ग से जुड़े प्रमाण-पत्र, आय सीमा, योजनाओं के क्रियान्वयन और अधिकारों की रक्षा की नियमित समीक्षा कर सके।ज्ञापन के माध्यम से इन दोनों मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार कर शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया गया। इस अवसर पर विप्र फाउंडेशन के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं पूर्व पालिकाध्यक्ष सुभाष शर्मा, तहसील अध्यक्ष पृथ्वीराज शर्मा, राजेंद्र कुमार शर्मा, शुभराम शर्मा, संजय शर्मा (श्योपुरा), पवन शर्मा (नवहाल), भाजपा युवा मोर्चा नगर अध्यक्ष अशोक शर्मा, नरेंद्र कुमार, नगेंद्र शर्मा, अविनाश शर्मा, शंभू शर्मा, सज्जन शर्मा सहित बड़ी संख्या में विप्रजन उपस्थित रहे।
3/related/default