सिंघानिया विश्वविद्यालय में मनाया गया कारगिल विजय दिवस, ‘रेजांगला खेल मैदान’ का हुआ लोकार्पण

AYUSH ANTIMA
By -
0


पचेरी बड़ी (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): सिंघानिया विश्वविद्यालय में कारगिल विजय दिवस के अवसर पर देशभक्ति, शौर्य एवं बलिदान को समर्पित भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर के खेल मैदान का नाम "रेजांगला खेल मैदान" रखकर उसका लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में कारगिल एवं रेजांगला युद्ध के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। समारोह के दौरान कारगिल एवं रेजांगला युद्ध के शहीदों की वीर वीरांगनाओं को सम्मानित किया गया। पूरे कार्यक्रम में राष्ट्रभक्ति और सैनिक सम्मान का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। विश्वविद्यालय के कैम्पस डायरेक्टर प्रो. (डॉ.) पीएस जस्सल ने अपने स्वागत भाषण में सभी अतिथियों का अभिनंदन करते हुए कहा कि देश के वीर सैनिकों एवं शहीदों के सम्मान में इस प्रकार का आयोजन करना विश्वविद्यालय परिवार के लिए गर्व और सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की रक्षा करने वाले वीरों का सम्मान करना प्रत्येक भारतीय का कर्तव्य है। इस अवसर पर अतिथियों का स्मृति-चिह्न भेंटकर स्वागत किया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल एसपीएस कटेवा (PVSM, AVSM) ने सैनिकों एवं शहीदों के सम्मान में इस भव्य आयोजन के लिए सिंघानिया विश्वविद्यालय का आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपने संबोधन में रेजांगला एवं कारगिल युद्ध की गौरवगाथा सुनाते हुए कहा कि "सैनिक सेवा से सेवानिवृत्त हो सकता है, लेकिन राष्ट्रसेवा का उसका संकल्प और सैनिक का जज़्बा जीवनभर उसके साथ रहता है।" उन्होंने उपस्थित भूतपूर्व सैनिकों एवं शहीद परिवारों से अधिक से अधिक युवाओं को भारतीय सेना में भर्ती होने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वविद्यालय के संस्थापक स्वर्गीय डीसी सिंघानिया की सराहना करते हुए कहा कि एक छोटे से गांव से निकलकर उन्होंने देशभर में अपनी अलग पहचान बनाई और अपनी जन्मभूमि के लिए शिक्षा का ऐसा संस्थान स्थापित किया। उन्होंने कहा कि शेखावाटी भामाशाहों और समाजसेवियों की भूमि है, जहां शिक्षा रूपी वटवृक्ष निरंतर विकसित हो रहा है और समाज के उत्थान का कार्य कर रहा है। कार्यक्रम में 1962 के रेजांगला युद्ध के जीवित वीर योद्धाओं में से एक हवलदार निहाल सिंह ने अपने मुख से रेजांगला युद्ध का आंखों देखा वर्णन किया। उनके अनुभवों को सुनकर उपस्थित लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। उन्होंने अपने शरीर पर आज भी मौजूद युद्ध की गोलियों के निशान दिखाए और बताया कि किस प्रकार भारतीय सैनिकों ने विपरीत परिस्थितियों में भी अदम्य साहस का परिचय दिया।
रेजांगला युद्ध के एक अन्य जीवित वीर योद्धा हवलदार चंद्रभान सिंह भी विशेष अतिथि के रूप में कार्यक्रम में उपस्थित रहे। इस अवसर पर कैप्टन एलएन यादव ने विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ.मनोज कुमार (सेवानिवृत्त आईएएस) का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने संतोर गांव में सैनिकों से किया गया अपना वादा निभाते हुए विश्वविद्यालय के खेल मैदान का नाम "रेजांगला खेल मैदान" रखा, जो शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ.मनोज कुमार (सेवानिवृत्त आईएएस) ने सभी सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों एवं शहीद परिवारों का हृदय से अभिनंदन किया। उन्होंने घोषणा की कि सैनिकों एवं भूतपूर्व सैनिकों के परिवारों के बच्चों को विश्वविद्यालय के सभी पाठ्यक्रमों में 50 प्रतिशत शुल्क छूट प्रदान की जाएगी। साथ ही उन्होंने बताया कि भारतीय सेना में जाने के इच्छुक युवाओं के लिए राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के सहयोग से बी.ए. विद डिफेंस कोचिंग कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है। कार्यक्रम के दौरान नर्मदा देवी सिंघानिया इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थियों ने रेजांगला युद्ध पर आधारित एक अत्यंत भावपूर्ण नाट्य प्रस्तुति दी, जिसने उपस्थित सभी लोगों को भावुक कर दिया। समारोह में उपस्थित कुमाऊँ रेजिमेंट, गौरव क्रांति सेना तथा क्षेत्र के अनेक भूतपूर्व सैनिकों का भी सम्मान किया गया। भूतपूर्व सैनिक संघ, महेंद्रगढ़ ने विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ.मनोज कुमार को सैनिकों एवं शहीद परिवारों के सम्मान तथा राष्ट्रसेवा की भावना को बढ़ावा देने में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए स्मृति-चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जिसके उपरांत सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों के लिए सहभोज का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नर्मदा देवी सिंघानिया इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा देशभक्ति एवं राष्ट्रप्रेम का संदेश देती हुई एक भव्य तिरंगा रैली निकाली गई। यह रैली विश्वविद्यालय परिसर से प्रारंभ होकर पचेरी कस्बे तक पहुंची, जहां विद्यार्थियों ने भारत माता की जय, वंदे मातरम् और शहीदों के सम्मान में देशभक्ति के नारे लगाए। रैली का उद्देश्य युवाओं में राष्ट्रप्रेम, वीर सैनिकों के प्रति सम्मान तथा कारगिल विजय दिवस के महत्व के प्रति जन-जागरूकता फैलाना था। यह आयोजन शौर्य, बलिदान और राष्ट्रभक्ति की अमर गाथाओं को समर्पित रहा।

Post a Comment

0Comments

Post a Comment (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!