झुंझुनूं (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): जिले में हर गर्भवती महिला के मातृत्व को शत प्रतिशत सुरक्षित बनाने और हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली गर्भवती महिलाओं की स्क्रीनिंग, ट्रैकिंग, उपचार और सुरक्षित प्रसव तक की जिम्मेदारी तय करने के कार्य की समीक्षा के लिए सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस कर आवश्यक निर्देश दिए गए। सीएमएचओ डॉ.छोटेलाल गुर्जर ने बताया कि अब महिला के गर्भवती होने के बाद पंजीकरण के साथ ही उसके स्वास्थ्य की पूरी मॉनिटरिंग होगी पूरी गर्भावस्था में जांच व सलाह और उपचार से लेकर प्रसव कराने की जिम्मेदारी विभाग तय की है। इसके साथ ही प्रत्येक हाई रिस्क गर्भवती का जोखिम की पहले ही पहचान कर आवश्यकता अनुसार प्रसव के लिए उपयुक्त चिकित्सा सेवा और संस्थान निर्धारण होगा। उच्च जोखिम वाली वाली गर्भवती महिलाओं डिलीवरी के लिए सीएचसी, जिला अस्पताल अथवा मेडिकल कॉलेज स्तर तक रेफर किया जाएगा।
सीएमएचओ डॉ.गुर्जर ने बताया कि परिवहन के लिए 104 व 108 एम्बुलेंस का भी निर्धारण संबधित स्टॉफ द्वारा पहले ही कर लिया जाये। सीएमएचओ डॉ.गुर्जर ने वीसी में एलएचवी से एक एक कर उनके क्षेत्र की एचआरपी महिलाओं की संख्या, उनके लिए तैयार प्लान के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बताया कि हर उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिला की सुरक्षित डिलीवरी का प्लान एलएचवी के टिप्स पर होना चाहिए। इस कार्य में आशा एएनएम सीएचओ और सेक्टर के चिकित्सा अधिकारी की जिम्मेदारी तय की गई है। एचआरपी महिलाओं की डिलीवरी के लिए सीएचसी उप जिला अस्पताल, जिला अस्पताल में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं और सुविधाएं उपलब्ध है। हर एचआरपी महिला की ड्यू डेट से पहले उसे भर्ती करवाना उस सेक्टर प्रभारी की जिम्मेदारी तय की गई है। वीसी में आरसीएचओ डॉ.दयानंद सिंह, सभी बीसीएमओ सहित चिकित्सा अधिकारी मौजूद रहे।