निवाई (लालचंद माली): वन विभाग के निवाई रेंजर धारीलाल बैरवा पर कानून को ताक पर रखकर मनमानी करने, कथित रूप से रिश्वत लेकर अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने तथा एक ही प्रकृति के मामलों में अलग-अलग जुर्माना लगाकर पक्षपात करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। नोहटा निवासी राजेन्द्र रेगर ने मुख्यमंत्री के नाम शिकायत भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच कर रेंजर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के अनुसार, 12 जून 2026 को चेजा पत्थर से जुड़े चार ट्रैक्टरों पर कार्रवाई की गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उससे 61 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया, जबकि अन्य तीन ट्रैक्टरों पर कथित मिलीभगत और रिश्वत के बाद केवल 27-27 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि सभी ट्रैक्टरों को कई दिनों तक रोके रखा गया तथा बाद में नियमों में मनमाने तरीके से बदलाव कर अलग-अलग रसीदें जारी की गई। राजेन्द्र रेगर ने आरोप लगाया कि रसीद में ट्रैक्टर नंबर तक अंकित नहीं किया गया तथा मूल रसीद हटाकर दूसरी रसीद जारी की गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि वह एक गरीब मजदूर है और उससे 34 हजार रुपये अधिक वसूले गए। शिकायत में रेंजर पर पद के दुरुपयोग, अवैध खनन को संरक्षण देने और अवैध वसूली करने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं।
शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की पुलिस जांच कराकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार एवं पद के दुरुपयोग के तहत सख्त कार्रवाई की मांग की है।
*रेंजर ने आरोपों को बताया निराधार*
वहीं, निवाई रेंजर धारीलाल बैरवा ने सभी आरोपों को तथ्यहीन और निराधार बताया है। उनका कहना है कि चारों ट्रैक्टर एक साथ नहीं, बल्कि अलग-अलग दिनों में पकड़े गए थे। उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता राजेन्द्र रेगर का ट्रैक्टर टोंक की टीम द्वारा पकड़ा गया था। रेंजर ने कहा कि ऑनलाइन चालान की पूरी राशि सीधे बैंक में जमा होती है, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहती है और रिश्वत लेने का कोई सवाल ही नहीं उठता। उनका आरोप है कि खनन माफिया विभाग की कार्रवाई से बौखलाकर वन विभाग की छवि खराब करने के लिए इस तरह के झूठे आरोप लगा रहे हैं।