टोंक (लालचंद माली): विधानसभा क्षेत्र की पराना ग्राम पंचायत की मुख्य सड़क पिछले करीब छह वर्षों से बदहाल हालत में पड़ी है। 20 गांवों और लगभग 50 हजार ग्रामीणों को जोड़ने वाला यह प्रमुख मार्ग अब लोगों के लिए सुविधा नहीं, बल्कि मुसीबत और हादसों का कारण बन गया है। सड़क की जर्जर स्थिति को लेकर ग्रामीणों में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भारी नाराजगी है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क जगह-जगह से पूरी तरह उखड़ चुकी है और बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो गई है। ऐसे में दोपहिया, चारपहिया, स्कूल वाहन, एम्बुलेंस सहित छोटे-बड़े सभी वाहनों का आवागमन जोखिम भरा हो गया है। पैदल चलना भी किसी चुनौती से कम नहीं है। खराब सड़क के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधि समस्या के समाधान के प्रति गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। पूर्व पंचायत समिति सदस्य रामेश्वर मीणा सहित ग्रामीण नंदलाल जाट, परशुराम जाट, यशपाल जैन, रामकल्याण जाट एवं मुकेश गुर्जर ने बताया कि वर्षों से सड़क की मरम्मत और पुनर्निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। सड़क की बदहाली से विद्यार्थियों, मरीजों, किसानों और आम लोगों को प्रतिदिन भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जल्द से जल्द सड़क का पुनर्निर्माण कराने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो जनहित में उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।