बीकानेर (मुकेश रामावत): जिला प्रभारी सचिव और पीएचईडी प्रमुख सचिव हेमंत कुमार गेरा ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को जनसुनवाई और योजनाओं के क्रियान्वयन में जवाबदेही बढ़ाने के निर्देश दिए।
*बैठक की प्रमुख बातें*
- रोज 5 शिकायतकर्ता से बात: गेरा ने सभी अधीक्षण अभियंताओं को निर्देश दिए कि वे प्रतिदिन एक उपखंड की संपर्क पोर्टल पर दर्ज 5 शिकायतों में से शिकायतकर्ताओं को खुद फोन कर समस्या जानें। कहा- "जब मैं कर सकता हूं तो आप क्यों नहीं।"
- जल जीवन मिशन पर चेतावनी: जिन जिलों में प्रगति धीमी रही वहां कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को व्यक्तिगत निगरानी के निर्देश।
- अमृत 2.0 और बजट घोषणाएं: लंबित कार्यों को समय-सीमा में पूरा करने और नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा।
- नेगेटिव न्यूज पर एक्शन: दूषित या बदबूदार पानी जैसी शिकायतों का तुरंत निस्तारण करने के आदेश। समाचारों में आई शिकायतों को भी गंभीरता से लेने को कहा।
- वीबी जीरामजी योजना: ग्राम पंचायतों में मरम्मत-रखरखाव इसी योजना से कराने और एनुअल एक्शन प्लान में मानव संसाधन का प्रावधान सुनिश्चित करने के निर्देश।
- प्रदर्शन आधारित मॉनिटरिंग: 2024 से 2027 तक का जिला-वार लक्ष्य और उपलब्धि का रिकॉर्ड बनाने को कहा, जिसमें संबंधित अधिकारी का नाम भी दर्ज होगा।
- *शकर्मभूमि से मातृभूमि: 31 अगस्त तक लक्ष्य पूरा करने और CSR व भामाशाह सहयोग से रिचार्ज पिट व रेन वाटर हार्वेस्टिंग को बढ़ावा देने पर जोर।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेश पुरोहित, अधीक्षण अभियंता खेमचंद सिंगारिया सहित बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू के अधिकारी मौजूद रहे।