बीकानेर (मुकेश रामावत): राजस्थान सरकार ने राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम यानी आरजीएचएस में पारदर्शिता लाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। योजना में अनियमितता और वित्तीय गड़बड़ियों के आरोपों के बाद बीकानेर के दो बड़े निजी अस्पतालों की आरजीएचएस सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
*कोठारी और गंगाशहर अस्पताल पर एक्शन*
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए गए ऑडिट में कोठारी अस्पताल सहित कई अस्पतालों में गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं। आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर क्लेम पेश करना, मरीजों की जरूरत से ज्यादा जांच कराना और अतिरिक्त भुगतान लेना जैसी गड़बड़ियां की गई। इसी आधार पर राज्य सरकार ने बीकानेर के कोठारी अस्पताल और गंगाशहर सैटेलाइट अस्पताल में आरजीएचएस के तहत इलाज की सुविधा को तत्काल प्रभाव से रोक दिया है। अब इन अस्पतालों में आरजीएचएस कार्ड धारकों को कैशलेस इलाज नहीं मिलेगा।
*चिकित्सा मंत्री: भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस*
चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि सरकार आरजीएचएस जैसी जनकल्याणकारी योजना में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषी संस्थानों और व्यक्तियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।
प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि पूरे प्रदेश में ऑडिट के बाद 50 से अधिक अस्पतालों के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई की गई है।
*सीएमएचओ बोले जांच अभियान जारी रहेगा*
बीकानेर के सीएमएचओ डॉ.पुखराज साध ने बताया कि कोठारी अस्पताल के खिलाफ शिकायत मिलने के बाद ही जांच कराकर यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि सरकारी धन के दुरुपयोग को रोकने और योजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह अभियान आगे भी चलता रहेगा। फिलहाल प्रभावित मरीजों को वैकल्पिक रूप से अन्य आरजीएचएस से संबद्ध अस्पतालों में इलाज की सुविधा लेने की सलाह दी गई है।