34 वर्ष 6 माह 1 दिन की राजकीय सेवा के बाद प्रधानाचार्य गणपत सिंह राव सेवानिवृत्त, मालवाड़ा में सम्मान समारोह में उमड़ा स्नेह

AYUSH ANTIMA
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रानीवाड़ा/जालौर (महेन्द्र देवासी): राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय डूंगरी के प्रधानाचार्य गणपत सिंह राव 34 वर्ष 6 माह 1 दिन की गौरवपूर्ण राजकीय सेवा पूर्ण करने के बाद सेवानिवृत्त हो गए। इस अवसर पर उनके निवास स्थान मालवाड़ा में भव्य सम्मान एवं अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया, जिसमें शिक्षा विभाग के अधिकारियों, विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, ग्रामीणों, मित्रों, परिजनों तथा शुभचिंतकों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। पूरे समारोह के दौरान उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। समारोह में वक्ताओं ने कहा कि गणपत सिंह राव ने अपने लंबे सेवाकाल में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। उन्होंने विद्यार्थियों में अनुशासन, संस्कार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ विद्यालयों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके कुशल नेतृत्व में विद्यालय ने शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं खेल गतिविधियों में नई उपलब्धियां हासिल की। इस अवसर पर गणपत सिंह राव का साफा पहनाकर, शॉल ओढ़ाकर, माल्यार्पण एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर भावभीना सम्मान किया गया। वक्ताओं ने उनके सरल, सौम्य, कर्मठ एवं मिलनसार व्यक्तित्व की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपने कार्यों से शिक्षा जगत में विशिष्ट पहचान बनाई है और वे आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेंगे। अपने संबोधन में गणपत सिंह राव ने 34 वर्ष 6 माह 1 दिन की सेवा यात्रा को याद करते हुए शिक्षा विभाग, सहकर्मी शिक्षकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं ग्रामीणों का सहयोग और स्नेह मिलने पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक का दायित्व केवल ज्ञान देना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में संस्कार, नैतिकता और सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास करना भी है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित मालवाड़ा सरपंच प्रदीप सिंह देवल, तहसील अध्यक्ष मदन माहेश्वरी, सरपंच प्रतिनिधि मेडा लसाराम पुरोहित, समाजसेवी सुनील गिगल, झालाराम परिहार, सहित सभी अतिथियों एवं शुभचिंतकों ने गणपत सिंह राव के स्वस्थ, सुखमय एवं दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए उनके सामाजिक और शैक्षणिक अनुभवों से भविष्य में भी समाज को मार्गदर्शन मिलता रहे, ऐसी शुभेच्छाएं व्यक्त कीं। समारोह भावनात्मक माहौल में संपन्न हुआ।

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