जयपुर (श्रीराम इंदौरिया): भगवान महावीर कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के प्रेरणा स्रोत, स्वप्नदृष्टा एवं संस्थापक प्रबंधन्यासी, वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी स्वर्गीय विद्या विनोद काला की 28वीं पुण्यतिथि के अवसर पर सोमवार प्रातः अस्पताल परिसर में श्रद्धांजलि एवं प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भगवान महावीर कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के चेयरमैन एनआर कोठारी, विवेक, आलोक, अजय एवं संजय काला, अस्पताल के ट्रस्टीगण, वरिष्ठ चिकित्सक एवं स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने स्वर्गीय विद्या विनोद काला के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर कैंसर उपचार के क्षेत्र में स्वर्गीय काला के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी व्यक्तिगत पीड़ा को समाज के लिए एक बड़े संकल्प में परिवर्तित किया। राजस्थान में कैंसर रोगियों को बेहतर उपचार सुविधाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में उनके प्रयासों ने एक जनआंदोलन का रूप लिया और भगवान महावीर कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हुआ, जो मानव सेवा का सबसे बड़ा मंदिर है।
इसके पश्चात राजस्थान विश्वविद्यालय के सहयोग से कैंसर एवं स्वास्थ्य जागरूकता पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ.अपूर्वा टांक ने कैंसर की प्रारंभिक पहचान, नियमित जांच, आधुनिक उपचार पद्धतियों तथा स्वस्थ जीवनशैली के महत्व पर विस्तृत जानकारी दी। व्याख्यान में रसायन विज्ञान विभाग की प्रमुख प्रोफेसर, कर्मचारी, छात्र-छात्राएँ तथा रोटरी क्लब जयपुर मरुगंधा की अध्यक्षा डॉ.नीलिमा गुप्ता सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। नीलिमा गुप्ता ने कहा की कैंसर के प्रति उदासीनता ही सबसे घातक है। कार्यक्रम के प्रारंभ में रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3056 के ट्रेनर अजय काला ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा अनुसंधान, उन्नत जांच तकनीकों और नई उपचार पद्धतियों के कारण कैंसर अब पहले की तरह असाध्य बीमारी नहीं रहा है। समय पर जांच और उचित उपचार से रोगियों का जीवन न केवल अधिक सुरक्षित हुआ है, बल्कि उनकी जीवन-गुणवत्ता और आयु में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि कैंसर के प्रति भय से अधिक जागरूकता की आवश्यकता है। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने स्वर्गीय विद्या विनोद काला को याद करते हुए कहा कि उन्होंने समाज, सरकार और दानदाताओं को एक मंच पर लाकर सेवा के एक ऐसे संस्थान की नींव रखी, जो आज हजारों रोगियों के लिए आशा और उपचार का केंद्र बना हुआ है। बाद में राजस्थान विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य केंद्र में विश्वविद्यालय के छात्रों, शिक्षकों व कर्मचारियों एवं उनके परिजनों के लिए कैंसर जाँच आपके द्वार शिविर आयोजित किया गया। शिविर में चिकित्सकीय परामर्श, सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण तथा आवश्यक जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई। शिविर का 80 से अधिक छात्र, शिक्षक, कर्मचारियों एवं उनके परिजनों ने लाभ उठाया। चिकित्सकों ने प्रतिभागियों को नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, संतुलित आहार, व्यायाम, तंबाकू एवं अन्य हानिकारक पदार्थों से दूरी तथा किसी भी असामान्य लक्षण को नजर अंदाज न करने की सलाह दी।