जयपुर (श्रीराम इंदौरिया): हर वर्ष 20 जुलाई को विश्वभर में इंटरनेशनल चेस डे मनाया जाता है। यह दिन केवल शतरंज के खेल का उत्सव नहीं, बल्कि बुद्धिमत्ता, धैर्य, अनुशासन और सकारात्मक सोच का प्रतीक है। इसी अवसर पर जयपुर की 15 वर्षीय वाणी जैन की प्रेरक यात्रा इस दिवस को विशेष अर्थ प्रदान करती है। महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय की छात्रा वाणी जैन ने शतरंज को केवल प्रतियोगिता या पदक जीतने का माध्यम नहीं माना, बल्कि इसे समाज सेवा, संस्कार और व्यक्तित्व निर्माण का अभियान बना दिया। इतनी कम उम्र में उन्होंने जो कार्य किया है, वह अनेक युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुका है। वाणी ने अपने 15वें जन्मदिन को उत्सव की बजाय समाज को समर्पित करते हुए 15 दिवसीय निःशुल्क शतरंज प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया, जिसमें 85 बच्चों को शतरंज का प्रशिक्षण दिया गया। उनका उद्देश्य बच्चों को केवल चालें सिखाना नहीं था, बल्कि उनमें धैर्य, एकाग्रता, अनुशासन, आत्मविश्वास और सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना था। यह पहल एक शिविर तक सीमित नहीं रही। वाणी अब तक 10 से अधिक निःशुल्क शतरंज प्रशिक्षण शिविरों का सफल आयोजन कर चुकी हैं, जिनसे सैकड़ों बच्चों को लाभ मिला है। प्रशिक्षण के बाद उन्होंने सभी प्रतिभागियों को निःशुल्क शतरंज बोर्ड, प्रमाण-पत्र और सम्मान-पत्र भी प्रदान किए, ताकि आर्थिक अभाव किसी बच्चे की प्रतिभा के रास्ते में बाधा न बने। इस अभियान के पीछे उनके पिता एवं समाजसेवी जिनेश कुमार जैन का सतत मार्गदर्शन और सेवाभाव भी प्रेरणा स्रोत रहा है। उनके सहयोग से समाज के अनेक लोग इस मिशन से जुड़े और जयपुर के प्रतिष्ठित जय श्री ज्वेलर्स ने भी बच्चों के प्रशिक्षण हेतु अपना स्थान उपलब्ध कराया। वाणी के प्रयासों से प्रेरित होकर इंटरनेशनल आर्बिटर भगवती प्रसाद शर्मा, वरिष्ठ प्रशिक्षक विक्रम सिंह, एडवोकेट पियूष शर्मा तथा दीपक राव जैसे अनुभवी शतरंज विशेषज्ञ भी इस अभियान से जुड़कर निःशुल्क सेवाएं दे रहे हैं। आज वाणी जैन का अभियान जयपुर में शतरंज जागरूकता और प्रतिभा विकास का एक प्रेरणादायी आंदोलन बन चुका है। उनके प्रयासों से अनेक बच्चे मोबाइल की दुनिया से निकलकर बौद्धिक विकास और रचनात्मक गतिविधियों की ओर अग्रसर हुए हैं। हाल ही में वाणी जैन को वूमेन पावर सोशलिटी फाउंडेशन के राष्ट्रीय खेलकूद विभाग का ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया गया है। यह सम्मान उनके खेल कौशल के साथ-साथ समाज सेवा के प्रति उनके समर्पण का भी सम्मान है।
इंटरनेशनल चेस डे पर वाणी जैन का संदेश हर युवा के लिए प्रेरणादायक है—"शतरंज केवल खेल नहीं, बल्कि सोचने, सीखने और जीवन में सही निर्णय लेने की कला है। यदि हम अपनी प्रतिभा समाज के साथ साझा करें, तो हर जीत का आनंद कई गुना बढ़ जाता है।" वाणी जैन ने यह सिद्ध कर दिया है कि उम्र नहीं, बल्कि सोच और संकल्प बड़े होते हैं। आज वह बच्चों को केवल शतरंज नहीं सिखा रहीं, बल्कि उन्हें जीवन की सबसे महत्वपूर्ण सीख दे रही हैं—"खुद आगे बढ़ो और दूसरों को भी साथ लेकर आगे बढ़ाओ।"