निवाई (लालचंद माली): टोंक जिले की निवाई पुलिस ने एक करोड़ रुपये की फिरौती के लिए किए गए सनसनीखेज अपहरण मामले का महज 11 घंटे में खुलासा कर पुलिस की तत्परता और दक्षता का परिचय दिया है। पुलिस ने अपहृत युवक महेश गुर्जर को सकुशल दस्तयाब कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया, जबकि वारदात में शामिल दो अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त स्कॉर्पियो वाहन भी जब्त कर लिया। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा के निर्देश, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतन लाल भार्गव के निर्देशन तथा डीवाईएसपी रविप्रकाश शर्मा के निकट पर्यवेक्षण में अंजाम दी गई। डीवाईएसपी रविप्रकाश शर्मा ने बताया कि 24 जुलाई को परिवादी राजाराम गुर्जर निवासी डोईयों की ढाणी, दहलोद ने दत्तवास थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनका पुत्र महेश गुर्जर, जो चैनपुरा-ललवाड़ी चौराहा एनएच-52 के पास यूट्यूब म्यूजिक स्टूडियो संचालित करता है, 23 जुलाई की रात अपने साथियों देवराज और अंकुश बैरवा के साथ दुकान में सो रहा था। रात्रि करीब 3:15 बजे स्कॉर्पियो में सवार 5-6 बदमाश दुकान का गेट और शीशे तोड़कर अंदर घुस आए तथा तोड़फोड़ और मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान देवराज और अंकुश किसी तरह जान बचाकर भाग निकले, जबकि बदमाश महेश को जबरन स्कॉर्पियो में डालकर ले गए। इसके बाद अपहरणकर्ताओं ने महेश के पिता को फोन कर एक करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई। पुलिस उपनिरीक्षक भारती के नेतृत्व में अलग-अलग टीमें गठित कर संभावित स्थानों पर रवाना किया गया। पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर तंत्र और अन्य साक्ष्यों के आधार पर लगातार तलाश अभियान चलाया। पुलिस के अथक प्रयासों से अपहृत युवक को घटना के महज 11 घंटे के भीतर सरूण्ड थाना क्षेत्र (जिला कोटपूतली-बहरोड़) से सकुशल बरामद कर लिया गया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आशीष पुत्र रामदयाल मीणा एवं आदित्य काला पुत्र हरिओम मेघवाल, दोनों निवासी सोहेला, थाना बरोनी को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से अवैध हथियार भी बरामद हुए, जिसके चलते सरूण्ड थाने में उनके विरुद्ध आर्म्स एक्ट के तहत अलग मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त स्कॉर्पियो वाहन भी जब्त कर लिया है। मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। इस सफल कार्रवाई में सहायक उपनिरीक्षक आत्माराम, हेड कांस्टेबल शंकर लाल, कांस्टेबल गजेन्द्र प्रताप सिंह, पायलट एवं शंकर लाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं सरूण्ड थानाधिकारी यशपाल सिंह, पनियाला थानाधिकारी रविन्द्र कुमार तथा साइबर सेल टोंक के सहायक उपनिरीक्षक सुरेश कुमार चावला का भी उल्लेखनीय सहयोग रहा।
11 घंटे में फिरौती कांड का पर्दाफाश: 1 करोड़ के लिए अगवा युवक सकुशल बरामद, दो अपहरणकर्ता गिरफ्तार
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July 25, 2026
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