पचेरी बड़ी/झुंझुनूं (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): सिंघानिया यूनिवर्सिटी में राजस्थान स्किल एंड लाइवलीहुड्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (RSLDC) की RAJVIK योजना के अंतर्गत तथा भाग्यश्री एचपी गैस सर्विसेज के सहयोग से आयोजित 10 दिवसीय ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग (OJT) कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ। 03 जुलाई से 14 जुलाई 2026 तक आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को रोजगारोन्मुख एवं तकनीकी विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को विश्वविद्यालय परिसर में विश्वविद्यालय के अनुभवी शिक्षकों एवं विशेषज्ञों द्वारा कॉर्पोरेट लॉ एवं उसका महत्व, डिजिटल साक्षरता एवं आईसीटी टूल्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) एवं उभरती तकनीकें, साइबर सुरक्षा एवं डेटा प्राइवेसी, वेब डेवलपमेंट, नेतृत्व कौशल एवं कार्यस्थल नैतिकता, व्यक्तित्व विकास एवं सॉफ्ट स्किल्स, उद्यमिता एवं स्टार्टअप के अवसर, शोध, नवाचार एवं बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR), समावेशी शिक्षा, स्मार्टफोन से स्मार्ट सिटी (5G एवं 6G), आईटी एवं वेब डेवलपमेंट में करियर के अवसर, तनाव प्रबंधन एवं कार्य-जीवन संतुलन, पर्यावरणीय स्थिरता एवं ग्रीन कंप्यूटिंग, समय प्रबंधन, उद्योग की अपेक्षाएँ एवं कार्यस्थल की तैयारी, समूह चर्चा एवं प्रस्तुतीकरण कौशल, करियर मार्गदर्शन तथा प्रायोगिक लैब सत्र जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकाय सदस्यों ने रिसोर्स पर्सन के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस दौरान डॉ.सुनील दत्त चतुर्वेदी, डॉ.मुनीश ठाकुर, सुश्री राखी राह, डॉ.प्रीति सेंगर, डॉ.राजपाल यादव, डॉ.अरविंद कुमार, डॉ.सुनीता सारस्वत, डॉ.नरेंद्र यादव, डॉ.आरती रानी प्रजापति, डॉ.शर्मिला यादव, आशुतोष आर्य, पीयूष तथा आशीष ने विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान कर प्रतिभागियों के ज्ञान एवं कौशल विकास में अहम भूमिका निभाई। कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के माननीय अध्यक्ष डॉ.मनोज कुमार (सेवानिवृत्त आईएएस) ने प्रतिभागियों से संवाद कर अपने अनुभव साझा किए तथा कौशल विकास, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता एवं रोजगारोन्मुख शिक्षा के महत्व पर प्रेरणादायक विचार व्यक्त किए। वहीं प्रो. (डॉ.) पीएस जस्साल, प्रो-प्रेसिडेंट एवं कैंपस डायरेक्टर ने भी विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा करते हुए उन्हें निरंतर सीखने, सकारात्मक सोच एवं व्यावहारिक ज्ञान के महत्व से अवगत कराया। इसी क्रम में आईबीएम के प्रतिनिधि गगन सिंह ने प्रतिभागियों के लिए एक विशेष तकनीकी सत्र आयोजित किया, जिसमें आधुनिक तकनीकों, डिजिटल परिवर्तन, उद्योग की वर्तमान आवश्यकताओं तथा आईटी क्षेत्र में उपलब्ध करियर अवसरों की जानकारी प्रदान की। समापन समारोह में रजिस्ट्रार सुमित कुमार सिंह, प्रो-वाइस चांसलर डॉ.पवन कुमार त्रिपाठी, एकेडमिक डायरेक्टर डॉ.संजय कुमार दुबे तथा विश्वविद्यालय की जनसंपर्क अधिकारी एवं कार्यक्रम समन्वयक डॉ.मोनिका सैनी ने प्रतिभागियों को संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने कौशल विकास, रोजगारोन्मुख शिक्षा एवं सतत् सीखने के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रतिभागियों को अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण पूर्ण होने पर प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी विशेषज्ञों, प्रशिक्षकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे कौशल विकास एवं रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण कार्यक्रमों के नियमित आयोजन का संकल्प दोहराया।