दिल्ली: पिछले 48 घंटों में अलवर, सीकर, देहरादून, कोयंबटूर और अहमदाबाद के छात्रों द्वारा आत्महत्या किए जाने की खबरें सामने आई हैं। इन घटनाओं के बाद शिक्षा व्यवस्था से जुड़े इस संकट में जान गंवाने वाले छात्रों और युवाओं की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। यह केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि देश के लिए एक गंभीर चेतावनी है। कॉकरोच जनता पार्टी सभी प्रभावित परिवारों को ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता दिए जाने तथा इन घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग करती है।
*20 जून – चलो दिल्ली*
सीजेपी ने कहा कि भारत की शिक्षा व्यवस्था को सुधारने का यह अंतिम अवसर है। देशभर से छात्र, अभिभावक और जागरूक नागरिक शिक्षा सुधार, पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर 20 जून को दिल्ली पहुंच रहे हैं।
• हम देशभर के कलाकारों, संगीतकारों, लेखकों, शिक्षाविदों और विद्यार्थियों से अपील करते हैं कि वे इस लोकतांत्रिक जनआंदोलन का हिस्सा बनें और शिक्षा सुधार की आवाज को मजबूत करें।
• सभी नीट अभ्यर्थियों को हमारी शुभकामनाएं। हम आशा करते हैं कि जब तक आपकी परीक्षाएं पूरी होंगी, तब तक इस संकट के लिए जिम्मेदार लोगों को शिक्षा व्यवस्था का नेतृत्व करने का अधिकार नहीं रहेगा और व्यवस्था में आवश्यक सुधार की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
• कई सप्ताह से चल रहे प्रदर्शनों, ज्ञापनों और सार्वजनिक अपीलों के बावजूद सरकार की ओर से अब तक संवाद का कोई प्रयास नहीं किया गया है। हम आज भी बातचीत और समाधान के लिए तैयार हैं, लेकिन सरकार की यह चुप्पी बेहद चिंताजनक है।
सीजेपी ने शिक्षा बचाओ, युवा बचाओ, देश बचाओ का नारा देते हुए 20 जून को जंतर-मंतर, नई दिल्ली पहुंचने की अपील की।