अजीतपुरा फायरिंग और मारपीट मामला: मामले को लेकर ग्रामीणों का धरना जारी, पुलिस व प्रशासन ने फायरिंग की घटना से किया इंकार

AYUSH ANTIMA
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कोटपूतली: अजीतपुरा में कथित फायरिंग और मारपीट के मामले को लेकर चल रहे विवाद में अब लीज प्रबंधन का पक्ष भी सामने आया है। एक ओर जहां ग्रामीण घटना को लेकर धरने पर बैठे हैं, वहीं पुलिस और प्रशासन ने अब तक फायरिंग की घटना की पुष्टि नहीं की है। इस बीच लीज प्रबंधक पृथ्वी राठौड़ ने ग्रामीणों पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले को अवैध वसूली से जोड़ दिया है। अजीतपुरा में कथित फायरिंग और मारपीट की घटना को लेकर ग्रामीणों का धरना लगातार जारी है। ग्रामीणों द्वारा कार्रवाई की मांग की जा रही है, लेकिन दूसरी ओर पुलिस और प्रशासन ने अब तक फायरिंग की घटना से इंकार किया है और मामले की जांच जारी होने की बात कही है। इसी बीच लीज प्रबंधक पृथ्वी राठौड़ का बयान सामने आया है। राठौड़ ने आरोप लगाया कि कुछ ग्रामीण अवैध वसूली के उद्देश्य से धरना देकर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर धरना दिया जा रहा है, वह लीजशुदा जमीन है और वहां जबरन धरना लगाया गया है। राठौड़ का यह भी कहना है कि कुछ दिन पहले लीज क्षेत्र में आग लगने की घटना भी हुई थी, जिसे ग्रामीणों द्वारा ही अंजाम दिया गया था। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग करते हुए कहा कि तथ्यों के आधार पर कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं दूसरी ओर धरने पर बैठे ग्रामीण अपने आरोपों पर कायम हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इधर, एएसपी नाजिम अली का कहना है कि फायरिंग जैसी कोई घटना नहीं हुई है। हालांकि मौके पर गोली के खाली खोल मिले है। उनके बारे में जांच जारी है। दोनों पक्षों की ओर से मामले दर्ज करवाए गए है। एक पक्ष के 3 जनों को डिटेन किया है जबकि 5 अन्य को 170 बीएनएस के तहत दस्तयाब किया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। वहीं, एसडीएम योगेश देवल का कहना है कि लीजशुदा जमीन पर ग्रामीणों द्वारा दिए गए धरने को हटाया गया था। हमारी ओर से दुबारा धरने की कोई परमिशन नहीं दी गई थी। केवल जब्त सामान को वापस लौटाने के आदेश दिए गए थे।

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