बिचगांवा लक्ष्मणगढ़ में दो दिवसीय भुरानाथ महाराज का सत्संग और भंडारा तैयारी की सौपी जिम्मेदारियां

AYUSH ANTIMA
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लक्ष्मणगढ़ (रिंकू बड़सीवाल): अलवर लक्ष्मणगढ़ विधानसभा क्षेत्र के गांव बिचगांव में संत शिरोमणि भुरानाथ महाराज का गांव बिचगांव लक्ष्मणगढ़ में 39वां वार्षिक विशाल सत्संग और भंडारे का आयोजन मन्दिर के महन्त विक्रम नाथ महाराज के सानिध्य में कार्यक्रम आयोजित होगा। संत शिरोमणि भुरानाथ जी का जन्म अलवर में हुआ। संत शिरोमणि सेवा नाथ महाराज जी के बाल योगी शिष्य रहे, गहरे जंगलों में रहकर घोर तपस्या कर आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त कर 10 साल की उम्र में दीक्षा शिक्षा लक्ष्मणगढ़ के बीच गांव मे ली। भुरानाथ महाराज सरल स्वभाव करुणा मय संत रहे। उन्होंने संतों की वाणी से लोगों को मार्गदर्शन दिया। उनके श्रद्धालु पंजाब, राजस्थान, दिल्ली, उत्तराखंड, हरियाणा के भगत लोग हर वर्ष आकर बाबा का वार्षिक मेला भंडारा में आकर आशीर्वाद लेते हैं, सच्चे मन से मांगी हुई मनोकामना पूर्ण होती है। सन्त शिरोमणि भुरानाथ महाराज की पुजा अर्चना कर सत्संग और भंडारे का शुभारंभ किया जाएगा, जिसमें सत्संग की अध्यक्षता लक्ष्मणनाथ बालयोगी के द्वारा की जायेगी। कमेटी के रोहिताश बसवाल व महंत विक्रम नाथ महाराज ने बताया कि इस कार्यक्रम में शामिल बांदीकुई से दुर्बलनाथ महाराज, शहर सोप से गोपीनाथ, भृतुहरि धाम से सुन्दरनाथ महाराज, ततारपुर से सोठानाथ महाराज, दिल्ली से विचारनाथ महाराज, योगीनाथ महाराज दिल्ली, बुटोली से शोभानाथ, बड़ोद से अयोध्या गिरी महाराज, बिलवाड़ी से महंत बाबूलाल महाराज, नटनी के बारां से विजयनाथ महाराज, राजगढ़ से कजौड़नाथ महाराज, नांगल हेड़ी से पुर्णनाथ महाराज, कलसाड़ा से हरिनाथ महाराज, थली से छोटूनाथ महाराज, रघुवीर नंद महाराज ततारपुर, पूर्ण नाथ महाराज नांगल हेड़ी आदि साधु संतों के द्वारा सत्संग और भंडारा में सामिल होगे। 13 जून, शनिवार को शांय देर रात्रि तक सत्संग देसी घी निर्मित प्रसादी का आयोजन होगा और 14 जून, रविवार को प्रातः 10 बजे से शाय प्रभु इच्छा तक देसी घी से निर्मित विशाल भंडारे का आयोजन मन्दिर परिसर में किया जाएगा। इस कार्यक्रम की पूर्ण रूप से तैयारी कर ली गई है और सभी को अपने-अपनी जिम्मेदारी सौंप गई है। संत भूरा नाथ महाराज शिक्षा के प्रसार और कुरीतियों के उन्मूलन के लिए जाने जाते हैं। बाबा के मेले में देश भर से श्रद्धालु आते है। 

*39वीं पुण्यतिथि बरसोदी निर्वाण दिवस पर विशेष*

अलवर जिले में अनेक महान संत हुए, जिन्होंने समाज में ज्ञान, चरित्र और शिक्षा के लिए अविस्मरणीय योगदान दिया है। संत शिरोमणि भुरानाथ महाराज बिचगांव, बाबा खेतानाथ, बाबा गरीब नाथ, बाबा मोहन, राम स्वामी, सरदानंद बाबा, जयराम नाथ, संत शिरोमणि बाबा कुंदन दास महाराज, बाबा रामदेव, संत शिरोमणि दुर्बल नाथ महाराज, जैसे अनेक संतों ने समाज को नई दिशा प्रदान की। इन संतों में एक महान संत बाबा भूरा नाथ महाराज की 39वीं पुण्यतिथि बरसोदी निर्वाण पर्व दिवस, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन समाज के उत्थान में लगा दिया। बाबा भुरानाथ महाराज का जन्म अलवर में हुआ। बाबा ने त्याग, तपस्या के साथ कुरीतियों को दूर किया। बैरागी भाव के चलते 10 साल की उम्र में उन्होंने घर त्याग दिया। बाबा सेवानाथ आश्रम स्थल बिच-गांव लक्ष्मणगढ़ में संत शिरोमणि सेवानाथ महाराज से शिक्षा लेकर संत पथ पर आगे बढ़े। बाबा भुरानाथ ने आजीवन भक्ति योग, ज्ञान योग और कर्म योग की त्रिकाल त्रिवेणी थे। आध्यात्मिक और समाज उत्थान के लिए बाबा ने सामाजिक सुधार और जागरूकता का काम किया। अपने जीवन काल में विद्यालय, कॉलेज, छात्रावास,आश्रम, प्याऊ, पोखर, मंदिर, कुएं का निर्माण करवाया, उनकी प्रेरणा से भक्तों के द्वारा सामाजिक उत्थान के लिए अनेक कार्य करवाए गए, बुराइयों के उन्मूलन के लिए कार्य किए गए। उन्होंने अपना शरीर 13 जून 1987 को त्याग दिया। आज महंत भुरानाथ महाराज आश्रम पर विक्रम नाथ महाराज विराजमान है।

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