बालश्रम उन्मूलन अभियान को लेकर जिला स्तरीय समन्वय बैठक आयोजित

AYUSH ANTIMA
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निवाई (लालचंद माली): बालश्रम, बाल बंधुआ मजदूरी एवं मानव दुर्व्यवहार की रोकथाम एवं पीडित बच्चों एवं व्यक्तियों के बचाव एवं पुनर्वास के लिए संचालित राज्य स्तरीय विशेष अभियान उमंग-7 के तहत महिला अपराध अनुसंधान प्रकोष्ठ के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल प्रसाद के निर्देशन में पुलिस विभाग एवं सिकोईडिकोन संस्था के संयुक्त तत्वावधान में जिला स्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल प्रसाद ने कहा कि बाल श्रम, बंधुआ मजदूरी एवं मानव तस्करी जैसी सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के लिए सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करना होगा। उन्होंने अभियान को सफल बनाने के लिए जिले के सभी पुलिस थानों में बाल कल्याण अधिकारियों को विशेष टीमों के गठन के निर्देश देते हुए कहा कि बाल श्रम, बंधुआ मजदूरी एवं मानव तस्करी से संबंधित शिकायतों एवं सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाने, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने तथा पीडि़त बच्चों एवं व्यक्तियों के पुनर्वास पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया। बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक नवल खान ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न बाल संरक्षण योजनाओं, सेवाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बाल श्रम से संबंधित मामलों में पुलिस, श्रम विभाग, शिक्षा विभाग, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, चाइल्ड हेल्पलाइन एवं अन्य संबंधित विभागों की भूमिका एवं जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष हेमराज चौधरी ने कहा कि बाल श्रम, बाल तस्करी एवं शोषण से मुक्त कराए गए बच्चों को तत्काल संरक्षण, देखभाल, काउंसलिंग एवं पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है। किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य सत्यनारायण ने किशोर न्याय अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी। अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी सीताराम साहू ने बताया कि शिक्षा विभाग विद्यालय से बाहर बच्चों की पहचान कर उन्हें पुन: शिक्षा की मुख्यधारा से जोडऩे के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। श्रम विभाग से रमेश चंद ने बाल श्रम एवं बंधुआ मजदूरी के विरुद्ध विभाग द्वारा की जा रही कार्रवाई, निरीक्षण एवं प्रवर्तन गतिविधियों की जानकारी दी। पुलिस लाइन प्रभारी ब्रजमोहन व देवराज ने बताया कि बाल श्रम, बंधुआ मजदूरी एवं मानव तस्करी के विरुद्ध अभियान को सफल बनाने के लिए सभी विभागों का सक्रिय सहयोग आवश्यक है। एएचटीयू प्रभारी देवेंद्र सिंह ने मानव तस्करी की रोकथाम के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने, संदिग्ध गतिविधियों पर सतत नजर रखने तथा विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्रवाई करने पर बल दिया। चाइल्ड हेल्पलाइन जिला समन्वयक कमलेश सैनी ने संकटग्रस्त एवं जरूरतमंद बच्चों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने में चाइल्ड हेल्पलाइन की भूमिका की जानकारी देते हुए कहा कि बाल संरक्षण से जुड़े मामलों की सूचना समय पर मिलने से बच्चों को शीघ्र सहायता उपलब्ध कराई जा सकती है। सिकोईडिकोन से देवेंद्र कुमार जांगिड़ ने बताया कि संस्था द्वारा समुदाय स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम, ग्राम स्तरीय बैठकें, रैलियां एवं विभागीय समन्वय के माध्यम से बाल श्रम, बंधुआ मजदूरी, बाल विवाह एवं मानव तस्करी जैसी सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप देने तथा समुदाय की सहभागिता बढ़ाने का आह्वान किया। बैठक में बाल अधिकारिता विभाग से सहायक निदेशक नवल खान, हेमराज चौधरी, संदीप, गौरव, सत्यनारायण, सीताराम साहू, रमेश चंद, कमलेश सैनी, देवेंद्र कुमार जांगिड़, विमल, किरन, राजेंद्र व शबुधराम सहित कई अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे।

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