झुंझुनूं (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): जिला स्तरीय समीक्षा समिति एवं परामर्श समिति (डीएलआरसी/डीसीसी) की बैठक शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला कलेक्टर डॉ.अरुण गर्ग की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न बैंकिंग योजनाओं, वित्तीय समावेशन कार्यक्रमों तथा स्वरोजगार योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में जिला कलेक्टर ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP), डॉ.भीमराव अंबेडकर राजस्थान दलित-आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना (BRUPY), मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM), प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, पीएम-अजय तथा प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। डॉ.गर्ग ने कहा कि बैंक आमजन से जुड़ी जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में सजगता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें। उन्होंने निर्देश दिए कि पात्र व्यक्तियों को योजनाओं की जानकारी देकर अधिकाधिक लाभान्वित किया जाए तथा अनावश्यक विलंब से बचते हुए प्रकरणों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही डिजिटल बैंकिंग और कैशलेस लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने तथा वित्तीय साक्षरता गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया। जिला कलेक्टर डॉ.अरुण गर्ग ने बैठक में बैंक प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि लंबित खातों की केवाईसी प्रक्रिया में तेजी लाई जाए तथा सभी पात्र खाताधारकों का समयबद्ध सत्यापन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित जो आवेदन बैंक स्तर पर लंबित हैं, उनका प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण किया जाए ताकि पात्र लाभार्थियों को समय पर योजनाओं का लाभ मिल सके।
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