बानसूर: कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित क्षेत्रीय नीति संवाद में विशेषज्ञों ने राजस्थान में 'चैंपियन किसानों' का नेटवर्क तैयार कर नई कृषि तकनीकों और टिकाऊ खेती को गांव-गांव तक पहुंचाने पर जोर दिया। कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिकों, एफपीओ, नाबार्ड, कृषि विभाग के अधिकारियों और प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया। केवीके के प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ.सुशील कुमार शर्मा ने कहा कि मृदा स्वास्थ्य सुधार, उर्वरकों के संतुलित उपयोग और वैज्ञानिक जल प्रबंधन के बिना कृषि को टिकाऊ नहीं बनाया जा सकता। वहीं, सस्टेनेबिलिटी मैटर्स के कार्यकारी निदेशक डॉ.नवनीत आनंद ने कृषि विस्तार में एआई आधारित तकनीकों के उपयोग और चैंपियन किसानों के माध्यम से नवाचारों के तेज प्रसार की वकालत की। बैठक में नकली बीज और कीटनाशकों पर प्रभावी रोक, जल संरक्षण तथा कम पानी में होने वाली हाइड्रोपोनिक्स, एक्वापोनिक्स और एरोपोनिक्स जैसी आधुनिक खेती प्रणालियों को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को भविष्य के लिए सुरक्षित बनाने का आह्वान किया।
क्षेत्र में गूंजा टिकाऊ खेती का संदेश, 'चैंपियन किसान' तैयार करने पर जोर
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June 10, 2026
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