निवाई (लालचंद माली): गांव बारेडा में पानी की निकासी अवरुद्ध होने के कारण पूरा गांव जलमग्न हो गया है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उक्त समस्या को लेकर ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी अजीत सिंह राठौड़ को ज्ञापन सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने प्रशासन को बताया कि करीब 1500 की आबादी वाले बारेडा गांव का बसाव लगभग 150 वर्ष पुराना है। ऐतिहासिक रूप से गांव के पानी की निकासी उत्तर दिशा से दक्षिण दिशा की ओर होती आ रही है। गांव के समीप ही करीब 7 बीघा क्षेत्र में फैला एक तालाब है। गांव का सारा पानी खसरा नंबर 483 व 482 से होते हुए इसी तालाब में एकत्रित होता रहा है। जब से गांव की आबादी बसी है, तब से यही जल निकासी की सुचारू व्यवस्था रही है। राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार भी यह दोनों खसरा नंबर 482 और 483 किस्म तालाबी भूमि के अंतर्गत दर्ज हैं। उन्होंने बताया कि तालाबी भूमि होने के बावजूद पानी की प्राकृतिक निकासी को रोकने के लिए एक भारी मिट्टी की दीवार खींच दी गई है, जिससे पूरे गांव में पानी भर गया है। रास्तों पर पानी जमा होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं पानी लोगों के मकानों के भीतर तक घुस गया है। इस जलभराव के कारण मवेशियों का चारा व घरों में रखा अनाज खराब होने की कंगार पर है। ग्रामीणों ने खसरा नंबर 483 से जुड़े लोगों से पानी की निकासी की बात करते हैं, तो वह ग्रामीणों को पर केस दर्ज करवाने की धमकियां देते है, जिससे ग्रामीणों में भय एवं आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी से मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत मौके पर जांच टीम भेजने, अवैध मिट्टी की दीवार को हटाने एवं पानी की निकासी को पूर्व की तरह बहाल रखने की मांग की है। इस अवसर पर राजाराम, गंगा बिशन जाट, श्योजी लाल जाट, रामअवतार, खुशीराम, प्रदीप यादव, सूरज जाट, अंबालाल, घासीलाल, बनवारी यादव, जितेंद्र जाट, पप्पू लाल, अशोक कुमार, रामफूल चौधरी, मनराज, राधेश्याम, नाथूलाल, शोराज, रामस्वरूप यादव, ओमप्रकाश जाट, सुरज्ञान गुर्जर, मुकेश जाट, पप्पूलाल जाट, राजेश जाट व गजानंद बैरवा सहित कई ग्रामीण मौजूद थे
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