बिजली संकट पर विभाग बेपरवाह, जनता पूछ रही- किसके भरोसे चले व्यवस्था

AYUSH ANTIMA
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निवाई (लालचंद माली): इसे दुस्साहस कहें या लापरवाही लेकिन इससे बिजली विभाग की पोल जरूर खुल जाती है। क्षेत्र में बिजली की शिकायतों का विभाग द्वारा समय पर निस्तारण नहीं करने से आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, तीन-तीन दिन तक लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है।

*बिजली विभाग की सुस्त कार्य प्रणाली उजागर*

लगता है बिजली विभाग के अधिकारियों ने यह धारणा बना ली है कि जिस प्रकार व्यवस्था है, उसी प्रकार काम चलेगा। चाहे उनको कोई कुछ भी बोले, उनके कोई असर होने वाला नहीं है। इसी धारणा को बदलने के लिए विधायक रामसहाय वर्मा ने रेल्वे स्टेशन स्थित जयपुर विद्युत वितरण निगम कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान बिजली विभाग की अव्यवस्थाएं एवं निरीक्षण के समय कई कर्मचारी गायब मिले, जिस पर विधायक ने नाराजगी जताई। विधायक रामसहाय वर्मा ने बताया कि विद्युत विभाग की लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि फॉल्ट रेक्टिफिकेशन टीम उपभोक्ताओं को स्टोर से जरूरी विद्युत उपकरण उपलब्ध नहीं करवा रही है तथा सहायक अभियंता न तो जनप्रतिनिधियों का फोन उठाते हैं और न ही आम जनता की समस्याओं को सुनते हैं। इस समय भीषण गर्मी का प्रकोप है। चिलचिलाती धूप में विद्युत विभाग द्वारा मेंटेनेंस के नाम पर पिछले 15 दिनों से लगातार कटौती की जा रही है। नगर पालिका व ग्रामीण क्षेत्रों में रोजाना 3-3 घंटे तक बिजली सप्लाई बंद रहने से नागरिकों का जीना मुहाल हो गया है। निरीक्षण के दौरान विधायक ने अधिकारियों को व्यवस्थाओं में तुरंत सुधार करने व जनता को राहत देने के निर्देश दिए। 

*सही बात कहने में संकोच करते हैं कार्यकर्ता*

कार्यकर्ताओं द्वारा नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया जाता है कि क्षेत्र में किसी भी विभाग की लापरवाही या कार्य प्रणाली को लेकर भाजपा कार्यकर्ता विधायक को सही बात कहने में संकोच करते हैं। बताया जाता है कि कार्यकर्ता विधायक के नाराज होने एवं अपने संबंध खराब होने के डर के कारण विधायक को सही बात नहीं बताकर उनकी हां में हां मिलाते हैं। बताया जाता है कि इससे जमीनी स्तर पर पार्टी की जडे कमजोर होती नजर आ रही है। निरीक्षण के दौरान शहर अध्यक्ष नितिन छाबड़ा, डांगरथल मंडल अध्यक्ष केदार दोहण, जय नारायण कुमावत व एडवोकेट देवराज गुर्जर व नारायण यादव सहित कई भाजपा के कार्यकर्ता मौजूद थे।

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