बहरोड़/अलवर: युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत माय भारत अलवर एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के निर्देशन में बुधवार को एक कार्यशाला का आयोजन अट्टा मंदिर के सामने संचालित जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी) में किया गया। डीडीआरसी संचालक डॉ.पीयूष गोस्वामी ने बताया कि अनुभव आधारित कार्यक्रम के तहत बुजुर्गों के स्वास्थ्य व सुरक्षा विषय पर सेमिनार आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य युवाओं को संस्कारित कर संवेदनशील बनाना है। प्रशिक्षण के दौरान वृद्धावस्था में होने वाली समस्याओं, उनके कारण, लक्षण, रोकथाम व निदान पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत जानकारी दी गई। डॉ.गौरव शर्मा नोडल ऑफ़िसर जेरियाट्रिक प्रोग्राम द्वारा रामाश्रय ओपीडी की जानकारी दी गई, जहाँ वृद्धजन को स्वास्थ्य संबंधी लाभ एक ही स्थान पर प्राप्त हो रहे हैं। वहीं डॉ.शोलर मीणा प्रोग्राम ऑफ़िसर सीएमएचओ ऑफ़िस द्वारा नियमित स्क्रीनिंग, नॉन कम्यूनिकेबल बीमारियों जैसे हृदय रोग, मधुमेह, कैंसर इत्यादि से बचाव के तरीक़े बताए। साथ ही युवाओं को आवश्यकता होने पर सीपीआर देने की तकनीक का प्रशिक्षण भी दिया। इस अवसर पर माय भारत की ज़िला युवा अधिकारी श्रीमती नेहा जादौन ने बताया कि हमें बुजुर्गों के प्रति सम्मानजनक व्यवहार अपनाना चाहिए व समाज की मुख्यधारा से जोड़कर चलना चाहिए। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक लक्ष्मण सिंह द्वारा माय भारत अलवर द्वारा चलाए जा रहे अभियान की सराहना की गई। डीडीआरसी की इंप्लीमेंटिंग एजेंसी मंथन फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा सभी अतिथियों व वृद्धजनों का अंगवस्त्र पहनाकर स्वागत व सम्मान किया गया। अंत में डॉ.सविता गोस्वामी द्वारा सभी उपस्थितजन को नशामुक्त भारत के लिए शपथ भी दिलाई गई। मंच संचालन सुरेश नागपाल द्वारा किया गया।
कार्यशाला के दौरान डीएलओ लक्ष्मण सिंह डीडीआरसी कॉर्डिनेटर डॉ.पीयूष गोस्वामी, प्रोजेक्ट मैनेजर डॉ.सविता गोस्वामी, मैनेजमेंट ऑफ़िसर आरसी वर्मा, डॉ.निकिता, सुरेश नागपाल, सुबीता मीणा, डॉली, नवीन, मुख्यमंत्री पुनर्वास गृह के संचालक रुद्रदत्त जोशी, सीएमएचओ डेटा मैनेजर तरुण गौरव, माय भारत वॉलंटियर्स सुनील प्रजापत, भावना सैनी, सौरभ गुप्ता, प्रिंस गुप्ता, संतोष मीणा सहित डीडीआरसी स्टॉफ़ व वृद्धजन उपस्थित रहे।