टोंक (लालचंद माली): भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) द्वारा टोंक जिले में संचालित राजीविका ट्रेनिंग सेंटर में महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए ‘शाइन’ प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पादों की पहचान और खरीदारी के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता एवं ब्यूरो की रिसोर्स पर्सन निशा बग्गा और अश्विनी बग्गा ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय मानक ब्यूरो देश के नागरिकों को गुणवत्ता और सुरक्षा की भरोसेमंद गारंटी प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि आज के समय में जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है, इसलिए महिलाओं को खरीदारी करते समय केवल मानकीकृत और प्रमाणित सामग्री का चयन करना चाहिए। निशा बग्गा ने दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले उत्पादों की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि रसोई में काम आने वाले उपकरण जैसे प्रेशर कुकर, गैस स्टोव, एलपीजी सिलेंडर और ओवन सीधे सुरक्षा से जुड़े होते हैं। ऐसे उत्पाद खरीदते समय उन पर आईएसआई मार्क अवश्य जांचना चाहिए।
उन्होंने बताया कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए खिलौनों पर भी अब आईएसआई मार्क अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा दूध पाउडर, मास्क और सेनेटरी नैपकिन जैसी स्वास्थ्य संबंधी वस्तुओं की खरीदारी करते समय भी मानक चिन्हों की जांच करना जरूरी है। सोने के आभूषणों की खरीदारी को लेकर उन्होंने महिलाओं को हॉलमार्क देखकर ही सोना खरीदने की सलाह दी, ताकि किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से बचा जा सके। रिसोर्स पर्सन ने जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय मानक ब्यूरो अब तक विभिन्न उत्पादों के लिए 23 हजार से अधिक मानक तैयार कर चुका है, जो उपभोक्ताओं की सुरक्षा और अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम में राजीविका संस्था से जितेंद्र पाराशर सहित अन्य स्टाफ सदस्य भी मौजूद रहे।