कोटपूतली (ईशाक खान): राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप आमजन को सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ सुगमता से उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से आयोजित किये जा रहे ग्रामीण सेवा शिविर का जिला कलक्टर अपर्णा गुप्ता ने मंगलवार को ग्राम जयसिंहपुरा में निरीक्षण किया। इस दौरान जिला कलक्टर ने शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई स्टॉल्स का अवलोकन किया तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों से आमजन को उपलब्ध करवाई जा रही सेवाओं एवं योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि शिविर में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की समस्या को संवेदनशीलता के साथ सुना जाए तथा पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ समयबद्ध रूप से उपलब्ध करवाया जाए। जिला कलक्टर ने शिविर में उपस्थित ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं तथा अधिकारियों को प्राप्त प्रकरणों का मौके पर ही समाधान करने एवं लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण सेवा शिविर प्रशासन और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम हैं, जिनके माध्यम से ग्रामीणों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं एवं योजनाओं का लाभ मिल रहा है। निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने राजस्व, ग्रामीण विकास, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, कृषि, पशुपालन, महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न विभागों की स्टॉल्स का निरीक्षण किया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविर में आने वाले ग्रामीणों को योजनाओं की पूरी जानकारी उपलब्ध करवायें तथा पात्र व्यक्तियों को लाभान्वित करने में सक्रिय भूमिका निभायें। शिविर के दौरान विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र एवं स्वीकृति पत्र भी प्रदान किए गए। लाभार्थियों ने शिविर के माध्यम से घर के नजदीक ही सरकारी सेवाएं मिलने पर राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। इस दौरान एसडीएम योगेश सिंह देवल, तहसीलदार रामधन गुर्जर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
*पिता का नाम दर्ज करवाने की वर्षों पुरानी समस्या का हुआ समाधान*
शिविर में किसान सुगनचंद पुत्र झुंझा जाट द्वारा अपने पैतृक सम्पत्ति संबंधी दस्तावेजों में पिता का नाम दर्ज करवाने के लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। प्रार्थी की समस्या को शिविर में उपस्थित अधिकारियों द्वारा गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्यवाही की गई। ग्रामीणों द्वारा प्रकरण से अवगत करवाया गया। इसके बाद जिला कलक्टर के निर्देशानुसार एसडीएम एवं तहसीलदार के मार्गदर्शन में प्रार्थी के पिता का नाम दर्ज करने की कार्यवाही पूर्ण कर समस्या का समाधान किया गया।