निवाई (लालचंद माली): राजस्थान विद्युत तकनीकी कर्मचारी एसोसिएशन के तत्वावधान में तकनीकी कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रदेशाध्यक्ष पृथ्वीराज गुर्जर के नेतृत्व में कर्मचारियों ने अधीक्षण अभियंता टोंक को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से बिजली विभाग के तकनीकी कर्मचारियों के कार्य-विभाजन, उत्तरदायित्व और एफआरटी कार्य प्रणाली को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार के असमंजस एवं दुर्घटनाओं की स्थिति से बचा जा सके। कर्मचारियों ने बताया कि स्पष्ट आदेशों के अभाव में फीडर प्रभारियों एवं लाइन स्टाफ को कई व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि एलटी लाइन के रखरखाव, दोष निवारण एवं तार टूटने जैसे कार्यों के लिए निगम द्वारा एफआरटी की नियुक्ति की गई है तथा इसके लिए भारी भुगतान भी किया जा रहा है। ऐसे में इन कार्यों से विभागीय कर्मचारियों को पूर्णत: मुक्त रखते हुए केवल एफआरटी को ही जिम्मेदार बनाया जाए। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में 11 केवी लाइन के कार्यों का अनुबंध भी एफआरटी को दिया जा चुका है, लेकिन जमीनी स्तर पर अब भी ये कार्य नियमित कर्मचारियों से करवाए जा रहे हैं, जबकि भुगतान एफआरटी को किया जा रहा है। यह स्थिति निगम के हित में भी उचित नहीं है। संगठन ने मांग की कि यदि किसी विशेष आपातकालीन परिस्थिति में कर्मचारियों के सहयोग की आवश्यकता हो तो कनिष्ठ या सहायक अभियंता द्वारा स्थान एवं उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए लिखित आदेश जारी किए जाएं, ताकि भविष्य में किसी दुर्घटना या विभागीय कार्रवाई की स्थिति में कर्मचारियों को अनावश्यक रूप से जिम्मेदार न ठहराया जाए।
इस दौरान प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष चेतन दवे, प्रदेश महामंत्री शंकर लाल सैनी, शाखा अध्यक्ष धर्मराज मीणा, महामंत्री ऋषिराज मीणा सहित बड़ी संख्या में तकनीकी कर्मचारी उपस्थित रहे।