कोटपूतली (ईशाक खान): अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिला कारागृह में समाजसेवी रतन लाल शर्मा के नेतृत्व में भव्य योग शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में जेल प्रशासन, स्टॉफ व बंदियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। मुख्य प्रशिक्षक योगाचार्य सत्यदेव सोनी ने विभिन्न योगासनों व प्राणायाम का गहन अभ्यास कराया। उन्होंने जीवन में योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए समझाया कि दैनिक दिनचर्या में योग को शामिल करने से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को कैसे सुधारा जा सकता है। समाजसेवी रतन लाल शर्मा ने कहा कि योग मात्र एक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह हमारे मन, शरीर और आत्मा का पवित्र मेल करवाता है। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के इतिहास को रेखांकित करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने 11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र संघ में योग का प्रस्ताव रखा था। इसके बाद दुनिया के 177 देशों ने मिलकर 21 जून 2015 को पहला अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने का ऐतिहासिक फैसला किया। उन्होंने बताया कि 21 जून साल का सबसे बड़ा दिन होता है, जब सूर्य की किरणें धरती पर सबसे लंबे समय तक रहती हैं। भारतीय परंपरा में इस सबसे लंबे दिन का सीधा संबंध अटूट ऊर्जा और प्रकाश से है, जो योग से मिलने वाले उत्तम स्वास्थ्य का प्रतीक है।
*बंदियों को दिलाई प्रतिज्ञा*
पिछले 12 वर्षों से लगातार कारागार में जनकल्याणकारी और सुधारात्मक कार्यक्रम आयोजित करने वाले समाजसेवी रतन लाल शर्मा ने इस बार भी एक सराहनीय पहल की। उन्होंने कारागृह के सभी बंदियों को भविष्य में किसी भी प्रकार के गलत या गैर-कानूनी कार्य ना करने और एक जिम्मेदार नागरिक बनने की दृढ़ प्रतिज्ञा दिलवाई। इस दौरान हैड कानि. गिरधर, रामेष्वर, गिरधारी, तूफान सिंह, विरेन्द्र यादव, रिंकू शर्मा, मनोज कुमार, मामचंद, रेखा चौहान, संदीप समेत अन्य मौजूद रहें।