निवाई (लालचंद माली): गांव रतनपुरा उर्फ रोहेड़ा में स्थित चरागाह एवं सरकारी भूमि पर कथित अतिक्रमण की नीयत से भारी-भरकम पेड़ों की कटाई किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की उदासीनता के चलते अतिक्रमियों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं।ग्रामीण बाबूलाल मीणा, रमेशचंद मीणा, गंगू मीणा, राधेश्याम मीणा, बजरंग, शंभू, मदनलाल, हरिनारायण, रामराय, राजेश एवं राजेंद्र मीणा सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि कुछ प्रभावशाली लोग चरागाह एवं सरकारी भूमि पर कब्जा करने की मंशा से वर्षों पुराने बड़े-बड़े पेड़ों को काट रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि एक ओर सरकार विभिन्न विभागों के माध्यम से करोड़ों रुपये खर्च कर पौधरोपण अभियान चलाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रही है, वहीं दूसरी ओर सरकारी भूमि पर खड़े पेड़ों की अवैध कटाई से पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पूर्व में भी गांव की गोचर एवं सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण का मामला सामने आया था। उस समय ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी अजीत सिंह राठौड़ को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई और भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की थी, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि जब भी गांववासी अवैध अतिक्रमण का विरोध करते हैं तो अतिक्रमी और उनके साथी झगड़े पर उतारू हो जाते हैं तथा खुलेआम धमकियां देते हैं। उनका कहना है कि यदि गोचर एवं सरकारी भूमि पर कब्जे जारी रहे तो गांव के मवेशियों और गौवंश के लिए चराई भूमि का संकट खड़ा हो जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि अतिक्रमियों को तत्काल सरकारी एवं गोचर भूमि से बेदखल कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए तथा भूमि को जल्द अतिक्रमण मुक्त कराया जाए।
चरागाह भूमि पर अतिक्रमण की साजिश: भारी पेड़ों पर चल रही कुल्हाड़ी, प्रशासन मौन
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June 22, 2026
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