वार्डवासी स्वयं नाला सफाई करने को मजबूर

AYUSH ANTIMA
By -
0


कोटपूतली (ईशाक खान): स्थानीय नगर परिषद द्वारा प्रतिवर्ष नालों की सफाई के लिए लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं, ठेकेदारों को टेंडर दिए जाते हैं, इस बार भी ऐसा ही हुआ लाखों रुपए का टेंडर हुए। लेकिन नागाजी की गौर क्षेत्र में बने मुख्य नालों की सफाई ना होना आश्चर्य का विषय हैं। बार-बार लिखित में नगर परिषद को इसके बारे में अवगत भी करवाया गया है की बरसात का मौसम शुरू होने वाला है, इन नालों की सफाई करवाई जायें। अभी कुछ ही दिनों पहले बरसात होते ही नाला ओवरफूल होकर आम रास्ते पर गंदा पानी बहने लगा। जिससे आने जाने वाले लोगों को बड़ी परेशानी व जिनके घरों के सामने से यह नाला गुजर रहा है, उनको बड़ी समस्या का सामना करना पड़ा हैं। नागाजी की गौर में वाल्मीकि बस्ती में तो यह स्थिति है कि इतना पानी नाले से बाहर बह रहा है कि जिसके घर के सामने है, उसने स्वयं फावली से अपने घर के सामने नाला साफ करने को मजबूर हो गया हैं। इन नालों की सफाई करवाने के लिए विगत 08 जून को भी लिखित में अवगत करवाया गया था। वार्डवासी प्रफुल्ल रमन ने बताया कि वर्तमान में नगर परिषद में शहरी सेवा शिविर चल रहे हैं, उसमें भी 22 जून को भी लिखित में अवगत करवाने पर भी आज तक मौके पर ठेकेदार द्वारा सफाई नहीं की गई है। सफाई ना होने पर पुनः गुरुवार को आयुक्त अरूण कुमार शर्मा व जेईएन कृष्ण कुमार गुर्जर को अवगत भी करवाया गया हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही उक्त नाले की सफाई करवा दी जायेगी, लेकिन अभी तक मौके पर कोई इस नाले को साफ करवाने के लिए नहीं पहुंचा हैं। उससे भी बड़ी आश्चर्य की बात यह है कि जब लाखों रुपए के टेंडर हुए हैं तो आज से पांच रोज पहले जब शिकायत हुई तो नगर परिषद की जेसीबी नाले को साफ करने के लिए कुछ समय के लिए आई और नाला सफाई के नाम पर नाले को तोड़कर चली गई, नाले के पत्थर उखड़कर बाहर रख दिए गए। जो नाले की गहराई 2 फीट थी, उसे कहीं 4 फीट तो कहीं 5 फिट कर दिया गया। इस क्षेत्र में मेघवाल बस्ती का नाला टूटा हुआ है, उसे बनाया नहीं गया है और सफाई के नाम पर एक और नाले को तोड़ दिया गया है। सफाई के नाम पर जब टेंडर हुए हैं तो ठेकेदार को उसकी सफाई करनी चाहिये। नगर परिषद को डबल नुकसान पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है, ठेकेदार को पैसे भी दिए जा रहे है और सफाई के लिए नगर परिषद जेसीबी का उपयोग भी किया जा रहा है।

Post a Comment

0Comments

Post a Comment (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!