कोटपूतली (ईशाक खान): पनियाला से किशनगढ़ तक बनने वाले प्रस्तावित ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे के विरोध में किसान महापंचायत का आंदोलन तेज हो गया है। जिला कलेक्ट्रेट के बाहर किसानों का तीन दिवसीय धरना मंगलवार को लगातार दूसरे दिन भी बदस्तुर जारी रहा। किसान अपनी उपजाऊ जमीनों को बचाने के लिए कड़ाके की धूप में भी डटे हुए हैं।
*जान दे देंगे, जमीन नहीं देंगे का गूंजा नारा*
धरने पर बैठे किसानों ने एक सुर में ’जान दे देंगे, जमीन नहीं देंगे’ का संकल्प दोहराया। किसानों का साफ कहना है कि जब तक इस विनाशकारी एक्सप्रेस वे परियोजना को पूरी तरह निरस्त नहीं किया जाता, तब तक उनका यह संघर्ष और उग्र रूप में जारी रहेगा।
*महिला किसानों ने संभाला मोर्चा*
धरने की खास बात यह रही कि इसमें बड़ी संख्या में महिला किसानों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर बैठी महिला शक्तियों ने सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।
*प्रमुख वक्ताओं ने किया संबोधित*
धरने को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने सरकार की नीतियों को किसान विरोधी बताया। धरने को जिलाध्यक्ष बाबूलाल चौधरी, प्रदेश मंत्री महेश जाखड़, प्रदेश युवा उपाध्यक्ष संदीप यादव, एड.प्रदीप चौधरी, बानसूर के किसान नेता जयसिंह गुरुजी, यादव महासभा बानसूर के पूर्व अध्यक्ष किशन लाल यादव, कोटपूतली तहसील अध्यक्ष हरसहाय तंवर, कोटपूतली महिला तहसील अध्यक्ष बीना शर्मा, जिला उपाध्यक्ष सुभाष यादव, प्रदेश मीडिया प्रभारी सुरेश बिजारणिया आदि ने सम्बोधित किया। इस दौरान मास्टर लक्ष्मीनारायण रावत, मास्टर रामेष्वर प्रसाद, शीशराम करवास, रामेष्वर, बीरबल करवास, हरदान सिंह तंवर, सुगाराम रावत, छाजू रावत, वीरेंद्र यादव सहित सैकड़ों किसान उपस्थित रहे।
*17 जून को महा आंदोलन*
तीन दिवसीय धरना 15 जून से शुरू हुआ था जो 17 जून तक चलेगा। धरने के आखिरी दिन बुधवार को इस आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जायेगा, जिसमें किसान महापंचायत के प्रदेश स्तर के शीर्ष पदाधिकारी और अन्य जिलों के जिलाध्यक्ष भी शामिल होगें।