कोटपूतली: नारेहड़ा-पनियाला बाईपास रोड़ स्थित गोपालपुरा कट पर मंगलवार को हुए दर्दनाक सड़क हादसे के बाद प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। ग्रामीणों के भारी आक्रोश और प्रशासन के साथ हुई वार्ता में बनी सहमति के बाद दुर्घटना संभावित इस ब्लैक स्पॉट को सुरक्षित बनाने की कवायद तेज कर दी गई है। बुधवार को मौके पर भारी पुलिस जाप्ते की मौजूदगी में बैरिकेडिंग करने और स्पीड ब्रेकर (गति अवरोधक) लगाने का काम युद्ध स्तर पर शुरू किया गया।
*चाचा-भतीजी की मौत के बाद जागा प्रशासन*
उल्लेखनीय है कि मंगलवार को गोपालपुरा कट पर एक भीषण और दर्दनाक सड़क हादसा हुआ था। इस हादसे में मोटर साईकिल सवार चाचा और उनकी मासूम भतीजी की मौके पर ही मौत हो गई थी। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई और स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने सड़क पर जाम लगाकर परमानेंट सुरक्षा उपाय करने, स्पीड ब्रेकर बनाने और अवैध कटों को बंद करने की पुरजोर मांग उठाई थी।
*पूर्व संसदीय सचिव और अधिकारियों ने किया निरीक्षण*
तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए और ग्रामीणों की मांग पर प्रशासन ने त्वरित कार्यवाही का भरोसा दिया था। इसी सहमति के तहत बुधवार को मौके पर बैरिकेडिंग और ऊंचे स्पीड ब्रेकर बनाने का काम शुरू कराया गया, ताकि हाईवे पर सरपट दौड़ते वाहनों की गति को नियंत्रित किया जा सके। कार्य के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर डटे रहे। इस दौरान पूर्व संसदीय सचिव रामस्वरूप कसाना ने भी घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुरक्षा कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही ना बरती जायें।
*चरणबद्ध तरीके से पूरे होंगे सुरक्षा कार्य*
एसडीएम योगेश सिंह देवल ने बताया कि गोपालपुरा कट पर हुआ हादसा बेहद दुर्भाग्यपूर्ण था। हादसे के बाद स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों, ग्रामीणों और प्रशासन के बीच एक सकारात्मक वार्ता हुई थी। वार्ता में तय किए गए सभी सुरक्षा उपायों को अब चरणबद्ध तरीके से धरातल पर उतारा जा रहा है। उन्होंने साफ कहा कि आमजन और राहगीरों की जिंदगी की सुरक्षा करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हाईवे अथॉरिटी के समन्वय से इस पूरे स्ट्रेच पर रिफ्लेक्टर, साईन बोर्ड और अन्य जरूरी काम भी जल्द से जल्द पूरे करा लिए जायेंगे। प्रशासन की इस त्वरित कार्यवाही से ग्रामीणों ने थोड़ी राहत की सांस ली है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि बाईपास के अन्य खतरनाक कटों पर भी ऐसे ही स्थाई इंतजाम किए जाने चाहिए, ताकि भविष्य में किसी और मासूम की जान ना जायें।
*मंगलवार को हुआ था दर्दनाक एवं भीषण सड़क हादसा*
नारेहड़ा-पनियाला बाईपास पर गोपालपुरा चौराहा कट के पास मंगलवार को अस्पताल से लौट रहे चाचा-भतीजी को तेज रफ्तार ट्रेलर ने कूचल दिया था। ग्राम पानेड़ा निवासी महेन्द्र (35) पुत्र स्व. रोहिताष यादव अपनी भतीजी सुजिता (07) पुत्री सुरेन्द्र यादव को राजकीय बीडीएम जिला अस्पताल में दिखाकर वापस लौट रहा था। सुजिता कुछ दिनों से बुखार से पीड़ित थी। अस्पताल से दिखाकर जैसे ही वह मंगलवार तड़के करीब 10.30 बजे नारेहड़ा-पनियाला बाईपास पर गोपालपुरा चौराहा कट के पास पहुंचा तो पनियाला की ओर से आ रहे तेज रफ्तार ट्रेलर ने उन्हें टक्कर मार दी। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि हादसे में बाईक सवार बच्ची का सिर फट गया एवं बाईक चला रहे उसके चाचा का पैर कट कर दूर गिर गया। दोनों की ही मौके पर मृत्यु हो गई थी एवं बाईक के भी परखच्चे उड़ गये थे। वहीं इसी सड़क पर कुछ ही घण्टों बाद दूसरा सड़क हादसा भी हुआ। जिसमें ग्राम चिमनपुरा निवासी भागीरथ (60) पुत्र गुल्लाराम अपनी पोती मिनाक्षी (10) के साथ बाईक पर गांव वापस लौट रहा था। तभी बाईपास टोल के पास एक ट्रैक्टर की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गया। दोनों घायलों को ग्रामीणों ने राजकीय बीडीएम जिला अस्पताल पहुंचाया। दुर्घटना में घायल भागीरथ का पैर बुरी तरह कूचला गया था, जिसके चलते उन्हें प्राथमिक उपचार देकर जयपुर रैफर कर दिया गया था।