बहरोड़ (संदीप भारद्वाज): कस्बे के नयनसुख मोहल्ले में 2 मई को हुए कथित मारपीट प्रकरण में नया मोड़ सामने आया है। मामले के परिवादी पूरण यादव ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि विवादित जमीन उनकी पुश्तैनी एवं दादालाई संपत्ति है, जिस पर कुछ लोग फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। पूरण यादव ने आरोप लगाया कि जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। उनका कहना है कि संबंधित भूमि पर उनके परिवार का वर्षों पुराना मालिकाना हक है, लेकिन कुछ लोग कथित रूप से फर्जी इकरारनामा तैयार कर जमीन पर कब्जा जमाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उनके साथ मारपीट की गई। पूरण यादव का आरोप है कि उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास भी किया गया ताकि वे जमीन पर अपना दावा छोड़ दें। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिवादी ने कहा कि उनके पास जमीन से संबंधित आवश्यक दस्तावेज मौजूद हैं और वे कानून के माध्यम से अपने अधिकारों की रक्षा करेंगे। उन्होंने प्रशासन से मामले की गहन जांच करवाने तथा फर्जी दस्तावेज तैयार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। गौरतलब है कि 2 मई को नयनसुख मोहल्ले में हुए इस विवाद के बाद मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अब परिवादी के ताजा बयान के बाद प्रकरण ने नया मोड़ ले लिया है। हालांकि, मामले में दूसरे पक्ष की प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है। फिलहाल पुलिस एवं प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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