कोटपूतली (ईशाक खान): राजस्थान विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवि शर्मा के निर्देश पर गुरुवार को विशेष शिविर और निरीक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसके तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव नीलम मीणा ने डाबला रोड़ स्थित महात्मा बुद्ध संस्थान द्वारा संचालित स्वयंसिद्धा आश्रम का निरीक्षण किया। इस दौरान आश्रम परिसर में आवासियों के लिए एक विधिक सहायता संबंधी शिविर भी लगाया गया। शिविर में आश्रम के बेघर, गरीब और असहाय आवासियों को संबोधित करते हुए सचिव नीलम मीणा ने कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक को कानूनी अधिकार प्राप्त हैं। इन अधिकारों का संरक्षण करना न्यायालय और समाज दोनों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने भावुक होते हुए आवासियों से कहा कि आप लोगों की व्यथा सुनना और आपका पूरी तरह से संरक्षण करना हमारी प्रशासनिक व नैतिक जिम्मेदारी है। निरीक्षण के दौरान सचिव ने आश्रम परिसर की व्यवस्थाओं को बेहद करीब से देखा। उन्होंने आवासियों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और शुद्ध पेयजल की उपलब्धता जांची। आवासियों के बेडरूम, बाथरूम, शौचालय और पूरे परिसर की साफ-सफाई का मुआयना किया। आश्रम में उपलब्ध आवश्यक दवाओं और मेडिकल किट्स के स्टॉक का निरीक्षण किया। इन सभी प्रबंधों को सुव्यवस्थित पाकर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की और आश्रम प्रबंधन व सहयोगी स्टाफ को धन्यवाद दिया। इस दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव ने अपनी पुत्री के हाथों सभी आश्रमवासियों को फलों का वितरण करवाया। साथ ही जिला एवं सत्र न्यायालय के वरिष्ठ लिपिक नीरज लाटा और पैरालीगल वॉलिंटियर प्रदीप स्वामी ने उपस्थित लोगों को विधिक सहायता और कानूनी अधिकारों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की। इस दौरान महात्मा बुद्ध संस्थान के सचिव डॉ. एच. एन. धोलीवाल, आश्रम मैनेजर कानाराम, नर्सिंग स्टॉफ मुकेश कुमार, चंचल, सुरेंद्र कुमार, मंजीत सिंह, राधेश्याम, राजकुमार, विमला सुरेला, सुरेश कुमार सहित आश्रम में निवास कर रहे 37 आवासी मौजूद थे।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव नीलम मीणा ने किया स्वयंसिद्धा आश्रम का निरीक्षण, आवासियों को बांटे फल
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June 25, 2026
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