बीकानेर (मुकेश रामावत): पीबीएम अस्पताल में डिलीवरी के बाद किडनी फेल से हुई शारदा की मौत के बाद से चला आ रहा 14 दिन का धरना आखिरकार खत्म हो गया। प्रशासन से देर रात सकारात्मक वार्ता के बाद मृतका के परिजनों को 75 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने पर सहमति बन गई।
*मुआवजे पर बनी सहमति, धरना खत्म*
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार परिजनों से बातचीत के बाद 75 लाख रुपए की सहायता राशि देने का फैसला लिया गया। मुआवजे की घोषणा के साथ ही कांग्रेस और पीबीएम बचाओ संघर्ष समिति ने अपना अनिश्चितकालीन धरना वापस ले लिया। कांग्रेस देहात अध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने प्रशासन के फैसले पर आभार जताया।
*4 दिन से मोर्चरी में रखा था शव*
शारदा की मौत को 4 दिन बीत चुके थे, लेकिन पोस्टमार्टम को लेकर प्रशासन और कांग्रेस आमने-सामने थे। प्रशासन का कहना है कि अब परिजन पोस्टमार्टम के लिए राजी हो गए हैं। प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया जाएगा।
*बढ़ रहे हैं किडनी फेल के मामले*
पीबीएम में प्रसूताओं की किडनी फेल से मौत के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। शारदा का मामला सियासी तूल पकड़ चुका था। भंवरलाल कूकणा, सीताराम नायक, राजेंद्र बापेड़ समेत कई कांग्रेस नेताओं ने परिजनों को न्याय दिलाने की मांग उठाई थी। अब मुआवजे के ऐलान के बाद पीड़ित परिवार को राहत मिली है। प्रशासन ने पीबीएम में प्रसूति वार्ड की व्यवस्थाएं सुधारने का भरोसा भी दिया है।