बीकानेर (मुकेश रामावत): 4.07 लाख रुपए के चेक अनादरण मामले में अपीलीय अदालत से आरोपी को झटका लगा है। अपर सेशन न्यायाधीश नवनीत ने आरोपी श्याम सुंदर की अपील ठुकराते हुए निचली अदालत की सजा यथावत रखी। निचली अदालत ने आरोपी को 6 महीने की साधारण कैद, 8 लाख रुपए का आर्थिक दंड और जुर्माना नहीं भरने पर 1 महीने की अतिरिक्त जेल की सजा दी थी। अपीलीय कोर्ट ने इस फैसले को उचित माना।
*पूरा मामला:*
साल 2015 में बीकानेर जिला प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंक ने शिकायत दर्ज कराई थी। बैंक के मुताबिक श्याम सुंदर ने टेंट हाउस के लिए 4.50 लाख का लोन लिया था। बकाया 4,07,535 रुपए के भुगतान के लिए जनवरी 2015 का चेक दिया, जो ‘अकाउंट क्लोज्ड’ बताकर लौट आया। कानूनी नोटिस के बाद भी रकम नहीं मिली तो बैंक ने एनआई एक्ट में केस किया।
*कोर्ट ने नहीं मानी दलील*
आरोपी का तर्क था कि बैंक के रिटर्न मेमो पर मुहर-साइन नहीं थे, इसलिए केस नहीं बनता। साथ ही दावा किया कि उसका खाता 2011 में ही बंद हो गया था और बैंक ने पुराने ब्लैंक चेक का गलत इस्तेमाल किया। कोर्ट ने दोनों तर्क खारिज कर दिए और माना कि आरोपी पर बैंक का वैध बकाया था।