झुंझुनूं: जिले के वार्ड नंबर 52 स्थित गणेश मंदिर के पास नालियों के टूटे ढक्कन लोगों के लिए मुसीबत बन गए हैं। पिछले कई हफ्तों से हालात जस के तस हैं। राहगीर, बच्चे और बुजुर्ग रोजाना हादसे का शिकार हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदारों ने आंखें मूंद रखी हैं।
*क्या है पूरा मामला*
* स्थान: गणेश मंदिर के पास मुख्य रास्ता, वार्ड 52, झुंझुनूं।
* समस्या: नालियों के ऊपर लगे सीमेंट और लोहे के ढक्कन पूरी तरह टूट चुके हैं। कई जगह तो ढक्कन गायब ही हैं।
* खतरा: दिन में धूल-मिट्टी की वजह से गड्ढे दिखते नहीं, रात में स्ट्रीट लाइट की कमी से हादसा और बढ़ जाता है। दोपहिया वाहन चालक अक्सर फिसल कर गिर रहे हैं।
*स्थानीय लोगों का दर्द*
क्षेत्र के दुकानदार बताते हैं कि पिछले सोमवार को एक स्कूली बच्चा साइकिल समेत नाली में गिर गया। पैर में फ्रैक्चर हो गया। आए दिन कोई न कोई गिरता है, वहीं बुजुर्ग महिला का कहना है कि मंदिर जाने में डर लगता है। पैर फिसला तो सीधे हॉस्पिटल पहुंच जाएंगे। कई बार पार्षद को बोला पर सिर्फ आश्वासन मिला।
*बढ़ती शिकायतें, नहीं हो रही सुनवाई*
* बदबू और बीमारी: खुले गड्ढों से उठती बदबू से दुकानदार परेशान। मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है।
* ट्रैफिक जाम: लोग गड्ढों से बचने के लिए रास्ता बदलते हैं, जिससे आसपास की गलियों में जाम लगता है।
* स्कूल का रास्ता: इसी रास्ते से रोज सैकड़ों बच्चे गुजरते हैं। अभिभावकों में डर का माहौल है।
*लोगों की मांग*
वार्डवासियों ने जल्द से जल्द नए ढक्कन लगाने और जब तक काम पूरा न हो, तब तक बैरिकेडिंग कर चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की है।