जयपुर: आत्मनिर्भर वृद्ध आश्रम की ओर से आश्रम में रहने वाले 50 वृद्धजनों के लिए एक विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थयात्रा का आयोजन किया गया। संस्थान के संस्थापक हरदेव शर्मा ने बताया कि इस यात्रा के दौरान सभी वृद्धजनों को हरिद्वार और ऋषिकेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन कराए गए, जिससे उनके चेहरों पर खुशी और संतोष की अनूठी झलक दिखाई दी। यात्रा की शुरुआत हरिद्वार स्थित हर की पौड़ी पर पवित्र गंगा स्नान के साथ हुई। वृद्धजनों ने श्रद्धा और आस्था के साथ मां गंगा में डुबकी लगाकर देश और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद उन्हें प्रसिद्ध शक्तिपीठ मनसा देवी मंदिर एवं चंडी देवी मंदिर के दर्शन कराए गए। यात्रा के दौरान भारत माता मंदिर और गंगा मंदिर का भी दर्शन कराया गया, जहां वृद्धजन भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत से रूबरू हुए। वहीं शाम के समय सभी श्रद्धालु हर की पौड़ी पर आयोजित भव्य गंगा आरती में शामिल हुए। मंत्रोच्चार, घंटियों की मधुर ध्वनि और दीपों की जगमगाहट के बीच आयोजित आरती ने सभी वृद्धजनों को भाव-विभोर कर दिया। इसके बाद तीर्थयात्री ऋषिकेश पहुंचे, जहां उन्होंने गंगा स्नान किया। साथ ही गीता आश्रम और काली कमली वाले आश्रम का भ्रमण भी किया। इस यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने जानकी झूला, लक्ष्मण झूला और राम झूला का भी अवलोकन किया। अंत में सभी ने भगवान शिव के प्रसिद्ध धाम नीलकंठ महादेव मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की। संस्थान के सचिव ध्रुव सत्य अग्रवाल, कोषाध्यक्ष कुसुम सहित संस्थान के अन्य कार्यकर्ताओं ने यात्रा की व्यवस्थाओं का सफल संचालन किया। इस आध्यात्मिक यात्रा के लिए वृद्धजनों ने संस्थान का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह यात्रा उनके जीवन की यादगार और प्रेरणादायक यात्रा बन गई है। संस्था द्वारा वृद्धजनों के लिए किए जा रहे ऐसे सेवा कार्यों की क्षेत्र में व्यापक सराहना की जा रही है।
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