नांगल चौधरी में दिल दहला देने वाली वारदात: कलयुगी पिता ने पत्नी और 15 वर्षीय मासूम बेटी की गला घोंटकर की हत्या

AYUSH ANTIMA
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नारनौल/हरियाणा (सुनील दत्त शर्मा): नारनौल क्षेत्र से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक रिश्तों को तार-तार कर दिया है। नांगल चौधरी के अंतर्गत आने वाले गांव ढाणी ठाकरान में एक कलयुगी पिता ने अपनी ही पत्नी और मासूम बेटी की बेरहमी से हत्या कर दी। आरोपी वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गया, जिसकी पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है।
*एक साल से बंद थी बातचीत, एक ही घर में रहते थे अलग-अलग*
जानकारी के अनुसार, आरोपी अशोक कुमार और उसकी पत्नी राजबाला के बीच पिछले करीब एक साल से अनबन चल रही थी। आपसी विवाद इस कदर गहरा चुका था कि दोनों एक ही घर में होने के बावजूद अलग-अलग कमरों में रहते थे और उनके बीच बातचीत पूरी तरह बंद थी। सोमवार रात को यह विवाद अचानक और ज्यादा बढ़ गया, जिसने बाद में एक खौफनाक रूप ले लिया।
*नींद में ही घोंट दिया मां-बेटी का गला*
सोमवार देर रात जब पूरी दुनिया सो रही थी, तब आरोपी अशोक कुमार ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। उसने अपने ही कमरे में सो रही पत्नी राजबाला और 15 वर्षीय मासूम बेटी मीनाक्षी पर हमला कर दिया। आरोपी ने दोनों का बड़ी बेरहमी से गला घोंट दिया। जब तक चीख-पुकार और शोर सुनकर आसपास के परिजन और पड़ोसी मौके पर पहुंचे, तब तक दोनों मां-बेटी दम तोड़ चुकी थीं।
*मासूम मीनाक्षी का क्या था कसूर*
इस दोहरे हत्याकांड ने पूरे इलाके को सन्न कर दिया है। ग्रामीणों और परिजनों की आंखें नम हैं और हर किसी के जेहन में एक ही सवाल है कि आखिर उस 15 साल की मासूम बच्ची मीनाक्षी का क्या कसूर था। माता-पिता के आपसी झगड़े और पिता के सनकीपन की वेदी पर एक मासूम की जिंदगी का चिराग हमेशा के लिए बुझ गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर शवों को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार आरोपी अशोक कुमार की तलाश के लिए टीमें रवाना कर दी हैं। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश है। सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक लोग मासूम मीनाक्षी और उसकी मां के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं ताकि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।
*बढ़ता मानसिक तनाव और सामाजिक सीख*
यह खौफनाक वारदात समाज के लिए एक बड़ा अलार्म है। पारिवारिक कलह, संवादहीनता और बढ़ता मानसिक तनाव किस कदर इंसान को हैवान बना देता है, यह घटना इसका जीता-जागता उदाहरण है।

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