13 साल बाद चमत्कार: रैगरों की बावड़ी में फूटा "गंगाजल", सूखे कंठों को मिला जीवनदान

AYUSH ANTIMA
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नारायणपुर (प्रदीप जांगिड़): ये चमत्कार था या संघर्ष की जीत। जयपुर रोड स्थित रैगरों की बावड़ी के लिए गुरुवार का दिन "दूसरा आजादी दिवस" बन गया। 13 साल, 4750 दिन, 1,13,000 घंटे... इतने लंबे अंधेरे के बाद यहां के नलों में जब पानी आया तो लगा जैसे आसमान से "गंगाजल" बरस रहा हो। बानसूर विधायक देवीसिंह शेखावत के एक फोन ने सिस्टम हिला दिया और जलदाय विभाग की जेईएन सुशीला सैनी ने अपनी जिद से वो कर दिखाया, जो 13 साल में कोई अफसर नहीं कर पाया। टूटी पाइप लाइन, बंद वाल्व, धूल खाती फाइलें... सबको धकेलकर सुशीला सैनी ने हर घर में "जीवनधारा" पहुंचा दी।50 साल के बुजुर्ग हनुमान प्रसाद रैगर खुशी के आंसू बहाते हुए फूट-फूटकर रो पड़े। बोले "बेटा, 13 साल से हमने टैंकर के पहियों की धूल खाई है। बिल का बोझ उठाते-उठाते कमर टूट गई। आज नल से पानी गिरा तो लगा भगवान खुद हमारे घर आए हैं"। जैसे ही नलों में पानी आया तो महिलाएं और बच्चे बाल्टियां लेकर भाग रहे थे।खबर फैली तो पूरा मोहल्ला जलदाय विभाग कार्यालय पर टूट पड़ा। महिलाओं ने जेईएन सुशीला सैनी को "जलदेवी" का ताज पहनाया, मिठाई से मुंह मीठा किया। बुजुर्गों ने विधायक शेखावत को "जनता का मसीहा" कहकर गले लगा लिया। नारे गूंजे - "शेखावत जी जिंदाबाद, सुशीला मैडम जिंदाबाद"। अब जनता का गुस्सा बिलों पर फूट रहा है। मोहल्लेवासियों का कहना है "13 साल तक हमने हवा का टैक्स भरा है। एक बूंद पानी नहीं मिला, लेकिन हर महीने बिल आया। अब या तो बिल माफ करो, वरना कोर्ट जाएंगे"। जेईएन सुशीला सैनी ने कलम चलाई और उच्चाधिकारियों को अवगत करवाकर बताया कि "ये अन्याय है, तुरंत राहत दो"। मौके पर मदन खजोतिया, हनुमान सहाय खजोतिया, ओमप्रकाश, धन्नाराम, सुंदर, सुल्तान, गोकल, मुखराम, उमराव, ओम प्रकाश, जितेंद्र, हितेश सहित महिलाएं विमला देवी, कौशल्या, लालो, प्रेम देवी, सावित्री, मीना, दशौधा, मीना देवी व जलदाय विभाग कर्मचारी पप्पुराम शर्मा, आनंद पारीक, रामकंवार यादव, ओमप्रकाश सैनी, रोहिताश प्रजापत, मनीष प्रजापत मौजूद रहे।

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