झुंझुनूं (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम (एनसीडीसी) के तहत प्रदेशभर में 2 जून को “हीट एक्शन डे” तथा 5 जून को “विश्व पर्यावरण दिवस” मनाया जाएगा। इस अवसर पर 1 से 7 जून 2026 तक स्वास्थ्य जागरूकता सप्ताह आयोजित कर आमजन को गर्मी एवं पर्यावरणीय स्वास्थ्य जोखिमों के प्रति जागरूक किया जाएगा। सीएमएचओ डॉ.छोटेलाल गुर्जर ने बताया कि निदेशालय एनसीडीसी द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार सभी संबंधित अधिकारियों को गर्मी से होने वाली बीमारियों की रोकथाम, उपचार और जनजागरूकता गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। अभियान का उद्देश्य बढ़ते तापमान और जलवायु परिवर्तन के मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक बनाना है। स्वास्थ्य जागरूकता सप्ताह के दौरान जिला स्तर पर हीट एक्शन प्लान की समीक्षा एवं सुदृढ़ीकरण, तापजनित बीमारियों और मृत्यु संबंधी आंकड़ों की नियमित मॉनिटरिंग, स्वास्थ्य संस्थानों में शीतलन व्यवस्था, ओआरएस, आवश्यक दवाओं एवं आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही स्वास्थ्य कर्मियों की समीक्षा बैठकें आयोजित कर हीट वेव प्रबंधन की तैयारियों का आकलन किया जाएगा।
सीएमएचओ डॉ.गुर्जर ने बताया कि अभियान में सीएचओ, एएनएम, आशा कार्यकर्ता एवं स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों की टीमों को भी सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों, बाहर कार्य करने वाले श्रमिकों, प्लेटफॉर्म वर्कर्स तथा गंभीर बीमारियों से ग्रसित व्यक्तियों तक जागरूकता संदेश पहुंचाने पर जोर दिया जाएगा। डिप्टी सीएमएचओ डॉ.भंवर लाल सर्वा ने बताया इस विशेष जागरूकता सप्ताह में वेबिनार, जागरूकता सत्र, स्कूल एवं सामुदायिक गतिविधियां, पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम तथा सोशल मीडिया अभियान आयोजित किए जाएंगे। सभी जागरूकता गतिविधि विभाग के डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म IEC JHUNJHUNU पर उपलब्ध होगी। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि जनभागीदारी और व्यापक जागरूकता के माध्यम से गर्मी से होने वाली बीमारियों एवं जलवायु परिवर्तन के स्वास्थ्य प्रभावों को कम करने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की जा सकती है।