कलियुग में गृहस्थ का सबसे बड़ा यज्ञ श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ: तिवाड़ी

AYUSH ANTIMA
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चिड़ावा (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): क्षेत्र के सेहीकलां ग्राम में पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण के बीच नेत दादा मंदिर परिसर में पवित्र श्रीमद्भागवत महापुराण महाज्ञान यज्ञ का शुभारंभ हुआ। कथा से पूर्व नेत दादा मंदिर में भागवत की शोभा यात्रा निकाली गयी, जिसमे महिलाओं ने सिर पर कलश धारण करके भाग लिया। कथा के प्रथम दिवस व्यास पीठ से प्रवचन देते हुए वाणी भूषण पंडित प्रभुशरण तिवाड़ी ने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ कलियुग में गृहस्थ का सबसे बड़ा यज्ञ है। भागवत जीना एवं मरना दोनों सिखाती है। भागवत यह बतलाती है की गृहस्थ में रहकर भगवान को कैसे प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने बताया की भागवत कोई मनोरंजन का ग्रन्थ नहीं बल्कि यह तो मन भंजन का ग्रन्थ है, भागवत बताती है कैसे मन को संसार से मुक्त कर भगवान को अर्पित करे। कथा में भागवत महात्म, राजा परिक्षित के चरित्र का वर्णन सहित अन्य प्रसंग सुनाये गये। कथा में भगवान विष्णु की सजीव झांकी का मनमोहक प्रदर्शन किया गया। कथा से पूर्व पंडित बालकिशन चौरसिया ने यजमान आज के यजमान हजारी लाल शर्मा को सपत्निक भागवत व व्यास पूजन करवाया। कथा में डॉ.जगदीश प्रसाद शर्मा, अशोक शर्मा, विक्रम शर्मा, करन सिंह शेखावत, राजेंद्र सिंह शेखावत, मातुराम महरिया, संजय कुमार , भगत नत्थुराम शर्मा, जितेंद्र जांगीड, सत्यनारायण कुमावत, प्रमोद भगत, होशियारी लाल शर्मा, गजानंद शर्मा, अनिल शर्मा, धरम सिंह शेखावत सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु महिला पुरुष मौजूद रहे। आयोजन समिति के प्रवक्ता डॉ.जगदीश प्रसाद शर्मा ने बताया कि 8 जून तक चलने वाले सात दिवसीय धार्मिक आयोजन का समय प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5:30 बजे तक रहेगा। कथा में भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, भक्त चरित्रों एवं धर्म, भक्ति और मानव जीवन से जुड़े प्रेरणादायी प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया जाएगा। कथा स्थल को धार्मिक सजावट से भव्य रूप दिया गया है तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। ग्रामवासियों में आयोजन को लेकर उत्साह का माहौल है।

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