एनजीटी के आदेशों की पालना की मांग तेज, जिला कलेक्ट्रेट पर महापड़ाव दूसरे दिन भी रहा जारी, 05 धरनार्थी बैठे क्रमिक अनशन पर

AYUSH ANTIMA
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कोटपूतली (ईशाक खान): अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट के खिलाफ जोधपुरा संघर्ष समिति के बैनर तले जिला कलक्टर कार्यालय के बाहर शुरू हुआ महापड़ाव शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन भी उग्र रूप से जारी रहा। प्रशासन की अनदेखी से नाराज आंदोलनकारियों ने अब क्रमिक अनशन की शुरुआत कर दी है। धरने के दूसरे दिन समिति के सचिव कैलाश यादव, उपाध्यक्ष सतपाल यादव, सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम शुक्लावास, रामनिवास गुरुजी व निहाल सिंह यादव समेत 05 धरनार्थी क्रमिक अनशन पर बैठे। संघर्ष समिति ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर उचित सुनवाई नहीं होती, तब तक रोजाना 05 धरनार्थी इसी तरह क्रमिक अनशन पर बैठेंगे। 

*राजनैतिक दलों का मिला समर्थन, प्रशासन को बताया ’फेलियर’*

आंदोलन के दूसरे दिन महापड़ाव स्थल पर राजनैतिक गरमाहट भी देखने को मिली। वरिष्ठ कांग्रेस नेता रामनिवास यादव, कांग्रेस प्रदेश सचिव जगदीश मीणा, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष व पूर्व चेयरमैन प्रकाश चंद सैनी एवं आदिवासी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष जगदीश मीणा धरने को समर्थन देने पहुंचे। महापड़ाव को संबोधित करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता रामनिवास यादव ने स्थानीय प्रशासन को पूरी तरह ’फेलियर’ (विफल) करार दिया। उन्होंने जोधपुरा संघर्ष समिति के हौंसले की सराहना करते हुए कहा कि इस संघर्ष को आने वाली पीढ़ियां हमेशा याद रखेंगी। उन्होंने जिला कलक्टर से शीघ्र सुनवाई की मांग करते हुए कहा कि धरने की सभी मांगें पूरी तरह वाजिब हैं। एनजीटी के आदेशों की पालना में हो रही देरी के लिए उन्होंने सीधे तौर पर जिला कलक्टर को जिम्मेदार ठहराया।

*महिला-बच्चों सहित ग्रामीणों का भारी हुजूम, पुलिस प्रशासन रहा मुस्तैद*

धरना स्थल पर जोधपुरा संघर्ष समिति के आह्वान पर भारी संख्या में ग्रामीण जुटे हुए हैं। शुक्लावास से रंगलाल आर्य, पंच भागीरथ गुर्जर, कृष्ण रावत, ग्यारसी लाल आर्य, रोहताश यादव समेत भारी संख्या में ग्रामीण महिलाएं, पुरुष व बच्चे कड़ाके की धूप और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद डटे हुए हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन की ओर से एसडीएम योगेश सिंह देवल व डीएसपी लक्ष्मी सुथार भारी पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर मौजूद रहे। हालांकि एनजीटी के आदेशों की पालना करवाने को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से कोई ठोस आष्वासन या कार्यवाही नहीं देखी गई, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश और बढ़ गया। 

*जब तक सुनवाई नहीं, तब तक पीछे नहीं हटेंगे*

 सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम शुक्लावास व समिति के अन्य पदाधिकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि यह लड़ाई जोधपुरा के अस्तित्व और पर्यावरण की रक्षा की है। जब तक प्रशासन एनजीटी के आदेशों की अक्षरश: पालना सुनिश्चित नहीं करता और ग्रामीणों की सुनवाई नहीं होती, तब तक यह महापड़ाव और क्रमिक अनशन अनवरत जारी रहेगा। ग्रामीण किसी भी सूरत में पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।

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