श्रीडूंगरगढ़/बीकानेर (तोलाराम मारू): मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव कार्यक्रम के अंतिम दिन में प्रातः 8 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा अर्चना शुरू की गई। शहस्त्र स्नान, शिखर पूजन, अन्नाधीवाश, जलाधीवाश, अंग न्यास, मंत्रों के साथ पूजन करने के बाद हवन कार्यक्रम हुआ, जिसमें मुख्य यजमान तुलसीराम गोदारा के अतिरिक्त 13 अन्य यजमानों ने सपत्नीक हवन में भाग लिया, तत्पश्चात मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा की गई, वहीं सामाजिक बंधुओं द्वारा मुख्य शिखर कलश इत्यादि की बोलियां लगाई गई। सामाजिक कार्यकर्ता गोपाल राम सायच ने बताया कि शिखर कलश की बोली श्रीडूंगरगढ़ निवासी आसूराम भादू परिवार के श्रवण राम/भैराराम भादू ने 41 लाख, मुख्य द्वार पट्ट की बोली इसी परिवार के नानू राम/भानी राम भादू ने 3 लाख 21 हजार, शंख की बोली गोपाल राम, लीछूराम, भैरा राम चाहर, जैसलसर ने 1 लाख 21 हजार, प्रथम आरती की रामकुमार/रावता राम कड़वासरा, लाखनसर 1 लाख 11 हजार, टाली की बोली जोरा राम धतरवाल, जालबसर ने 1 लाख 11 हजार, ध्वज पताका श्री सीताराम सिंवर श्रीडूंगरगढ़ ने 1 लाख 1 हजार, बड़ा घंटा की श्री गोपाल/भीखा राम शायच ने, श्रीडूंगरगढ़ 91 हजार, चिमटा की बोली रावत राम/रामप्रताप चाहर, जैसलसर ने 95 हजार, प्रथम भोग आरती पीथाराम सारण, जालबसर ने 61 हजार, धूपीया की नानू राम महिया, दुलचासर ने 51 हजार, गर्भ मंदिर द्वार की गोपाल सायच/अर्जुन राम सायच श्रीडूंगरगढ़ ने 51 हजार, नगाड़ा की ओम प्रकाश/दाना राम जाखड़ ने 51 हजार, रामद्वार कलश की सीता राम/खीनव राज बाना ने 51 हजार अधिकतम बोली लगाई गई। ट्रस्ट ने बोली दाताओं का धन्यवाद ज्ञापित किया व दुपट्टा व स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मान किया। टेंट व्यस्था के लिए प्रेम भादू, मदन भादू, शेरूना का, जल व्यवस्था के लिए लालू राम कूकना का, मंदिर निर्माण करने वाले ठेकेदार कैलाश स्वामी, नागौर का भी सम्मान किया गया। सभी कलाकारों का भी ट्रस्ट अध्यक्ष मंगला राम गोदारा द्वारा सम्मान किया गया। भोजन/प्रसाद व्यवस्था बुधमल सयाच, हनुमान महिया, गिरधारी जाखड, भरत शायच, दलीप शेरडीया, शंकर शायच, श्याम सारण, काना राम चाहर आदि ने संभाली। समाजसेवी हनुमान सिंह चौधरी, प्रेम बुढ़िया, भंवर चाहर आदि बीकानेर से पहुंचकर कार्यक्रम में शामिल हुए।
गोरक्षक वीर तेजाजी के भव्य मंदिर में मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा विधि विधान से हुई सम्पन्न, उमड़ी आस्था की भीड़
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May 10, 2026
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