रानीवाड़ा/जालौर (मदन माहेश्वरी): ज़िला कलक्टर डॉ.प्रदीप के. गावंडे की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला बाल संरक्षण यूनिट एवं ज्वाइंट एक्शन प्लान की त्रैमासिक समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिला कलक्टर ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को बाल नशा मुक्ति हेतु टीम का गठन करते हुए नारकोटिक्स प्रभाव वाली दवाईयों को विधि विरूद्ध बेचने वालो के विरूद्ध कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने विद्यालयों में बच्चों को नशे के दुष्प्रभाव के प्रति जागरूक करने हेतु प्रहरी क्लब के गठन के निर्देश दिए। जिला कलक्टर ने बाल विवाह की रोकथाम हेतु शादियों में काम करने वाले कैटर्स, डीजे और टेंट हाउस के सेवा प्रदाताओं से बाल विवाह की सूचना ज़िला प्रशासन एवं पुलिस से साझा करने की अपील की। बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक राजीव सुथार ने बाल कल्याण समिति एवं किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्राप्त प्रकरणों के निस्तारण की रिपोर्ट आंकड़ोवार पेश करते हुए ज़िले में बाल श्रम, भिक्षावृत्ति, बाल नशा मुक्ति, बाल विवाह की रोकथाम हेतु संचालित किए जा रहे विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 की कार्य प्रणाली के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि चाइल्ड हेल्पलाइन के माध्यम से 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को हिंसा, शोषण और उत्पीड़न के मामलों से बचाया जा सकता हैं अतः नागरिक ऐसे मामलों की सूचना हेतु चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 पर सम्पर्क करें। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कैलाश विश्नोई, आरसीएचओ डॉ.राजकुमार बाजिया सहित विभागीय अधिकारी व विभिन्न एनजीओ के सदस्य उपस्थित रहे।
बाल नशा मुक्ति के लिए जन जागरूकता कार्यक्रम का करें आयोजन: ज़िला कलक्टर
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May 06, 2026
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