निवाई (लालचंद माली): श्री राला बाबा धाम किवाड़ा में नो दिवसीय 108 सुरभि गोपुष्टियाग एवं श्रीराम कथा व नानी बाई का मायरा महोत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। महोत्सव को लेकर राला बाबा की भव्य एवं आकर्षक झांकी सजाई गई। इस दौरान शंख घंटियों की पावन ध्वनि से पूरा पंडाल भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम में सजीव झांकियां, पारंपरिक अनुष्ठान एवं मनमोहक भक्ति प्रस्तुतियां श्रद्धालुओं के लिए अद्भुत आकर्षण का केंद्र रही। श्रीराम कथा में कथा वाचक महंत राम झूलन दास के ओजस्वी व प्रभावशाली प्रवचन ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने कहा की श्रीराम कथा केवल कथा नहीं बल्कि मानव जीवन को संवारने वाली दिव्य साधना है। संत राम झूलन दास ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, मर्यादा, त्याग व करुणा का जीवंत उदाहरण है, जो हर युग में प्रासंगिक रहेगा। उन्होंने कहा कि आज का मनुष्य भौतिक उपलब्धियां की दौड़ में अपने मूल संस्कार से दूर होता जा रहा है, ऐसे में श्रीराम कथा आत्म जागरण का सशक्त माध्यम है। उन्होंने राम नाम की महिमा का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि राम नाम के अपर अध्यामिक शक्ति निहित है। इसका जाप मन को निर्मल और स्थिर और ऊर्जावान बनाता है। राम नाम वह दिव्य मंत्र है, जो जीवन के घोर संकटों को भी सहजता से दूर करने की क्षमता रखता है। यह नाम मनुष्य के अंतर्मन के विकारों को नष्ट कर उसे सच्चे आनंद शांति और संतोष की अनुभूति करता है। इस अवसर पर संत प्रकाश दास महाराज, संत मनीष दास महाराज, संत दयाल दास महाराज, संत राम लखन महाराज, दादूपंथी संत मनीष दास महाराज व महंत रामभजन महाराज सहित कई संत व श्रद्धालु मौजूद थे।
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