जवानों की जिम्मेदारियों निभाई, पाकिस्तानियों को पीठ दिखाकर भागना पड़ा: शाह

AYUSH ANTIMA
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बीकानेर: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बीकानेर में सीमा सुरक्षा बल की सांचू पोस्ट का दौरा किया। इस दौरान प्रहरी सम्मेलन में कहा कि मैं ऐतिहासिक चौकी सांचू पर आया हूं। मेरे मन में सांचू चौकी को देखने की इच्छा गृहमंत्री बनने से पहले भी थी। सूचना मिली थी कि सांचू पर कब्जा करने के लिए पाकिस्तान ने शुरुआत की थी। तब 3 आरएसी और 13 ग्रेनेडियर के जवानों ने हमला कर सांचू को भारत की सीमा में रखने का काम किया था। जवानों ने यह जिम्मेदारी निभाई और पाकिस्तानियों को पीठ दिखाकर भागना पड़ा था।उन्होंने कहा कि सरकार अगले 6 महीने में ड्रोन रोधी संयंत्र लगाने की शुरुआत कर रही है लेकिन ड्रोन यहां की जमीन पर उतरता है, इसे कौन रिसीव करता है, कौन उसके मटेरियल का उपयोग करता है, इस पर हमारी पैनी नजर होनी चाहिए। इसके लिए सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। सांचू पोस्ट पर अमित शाह ने करीब डेढ़ घंटे बिताए। उन्होंने भीषण गर्मी में ड्यूटी करने वाले जवानों से उनके अनुभव व बॉर्डर एक्टिविटी को लेकर बातचीत की। जवानों के साथ उन्होंने राजस्थान का पारम्परिक नाश्ता भी किया। करीब 42 डिग्री तापमान वाली सांचू पोस्ट से अमित शाह ने दूरबीन से आसपास का एरिया भी देखा। इसमें पाकिस्तान बॉर्डर का एरिया भी शामिल है। इस अवसर पर अमित शाह ने सीमा चौकियों पर नवनिर्मित 14 महिला बैरकों का ई-लोकार्पण किया। इससे पहले उन्होंने सांचू माता मंदिर में दर्शन एवं पूजा-अर्चना की। साथ ही, प्रहरी शस्त्र गैलरी का अवलोकन कर आधुनिक ड्रोन तकनीक की कार्यप्रणाली की जानकारी ली। उन्होंने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। शाह दोपहर करीब 12.30 बजे बीकानेर के लिए रवाना हुए। इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, केन्द्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल सहित बीएसएफ के अधिकारी भी उपस्थित रहे। यहां शाह ने जवानों से संवाद किया और उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी हासिल की। उन्होंने क्षेत्र से लगती पाकिस्तान की सीमा का भी अवलोकन किया। बाद में वे बीकानेर लौटे और बीएसएफ हैड क्वार्टर में संभाग के जिला कलक्टरों व पुलिस अधीक्षकों से बैठक की। बैठक के दौरान सरहदी क्षेत्र में बढ़ रही तस्करी को गंभीरता से लेने के दिशा निर्देश दिए, साथ ही राष्ट्र की सुरक्षा को लेकर कोताही न बरतने की हिदायत दी। इस मीटिंग में देश की सुरक्षा से जुड़ी कई एजेंसियों के वरिष्ठ अफसर भी मौजूद रहेे। इसी दौरान बॉर्डर के 184 गांवों के लिए वाइब्रेंट विलेज योजना की शुरूआत की। इसके तहत राजस्थान के बॉर्डर से लगे 184 गांवों को सड़क और 4 प्रतिशत नेटवर्क से जोडऩे का काम शुरू किया जाएगा।
*दो बड़ी जंग की गवाह रही सांचू पोस्ट*
भारत-पाकिस्तान बॉर्डर की ये सबसे ऐतिहासिक पोस्ट में शामिल है। ये दो बड़ी जंग की गवाह रही है। अमित शाह पहले गृहमंत्री हैं, जिन्होंने इस पोस्ट पर जाकर जवानों से मुलाकात की। उन्होंने यहां से पाकिस्तानी सरहद और जीरो पॉइंट वाला इलाका भी देखा।

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