निवाई (लालचंद माली): शहर के बस स्टैंड पर स्थित नगर पालिका की पुरानी इमारत को ढहाने का कार्य गुरुवार को द्रुतगति से शुरू हो गया है। एल एण्ड टी मशीन से भवन के हिस्सों को ध्वस्त किया जा रहा है। मंगलवार को भवन पर लगी हुई लोहे की रैलिंग्स, खिड़कियां व सेक्शन्स को सुरक्षित खोला गया। इसके बाद मजदूरों ने ड्रिलिंग मशीनों से निर्माण तोड़ने का कार्य शुरू किया लेकिन इमारत का पुराना निर्माण गुणवत्तायुक्त व मजबूत होने के कारण कार्य धीमी गति से हुआ। बुधवार को कोई कार्य नहीं हुआ। गुरुवार को सुबह ही इमारत के हिस्से को मशीन से हटाने का कार्य शुरू कर दिया गया। यातायात पुलिसकर्मी यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए लगे हुए थे। पुलिसकर्मी नगर पालिका अधिशाषी अधिकारी मनोहर लाल जाट ने बताया कि बस स्टैंड पर स्थित नकारा घोषित इमारत को ढहाने का कार्य तकनीकी विशेषज्ञों की देख-रेख में किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बिल्डिंग को हटाने का कार्य तकनीकी विशेषज्ञों सहायक अभियंता चंद्र प्रकाश मीणा, सहायक अभियंता पप्पू लाल मीणा, कनिष्ठ अभियंता राम प्रताप सिंह राणावत व कनिष्ठ अभियंता चंद्र प्रकाश चौधरी की देखरेख में किया जा रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से पूरे इलाके को बेरीकेट्स लगाकर सील किया गया है। इस दौरान सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस के जवान भी तैनात हैं।
*इमारत में चलता था सार्वजनिक वाचनालय व पुस्तकालय*
बस स्टैंड पर स्थित इस नगर पालिका की इमारत में सार्वजनिक वाचनालय एवं पुस्तकालय का निर्माण करवाया गया था। वर्ष 1970 में तत्कालीन प्रशासक पुरुषोत्तम आचार्य के कार्यकाल में तत्कालीन टोंक विधायक सुरेंद्र व्यास ने इसका उद्घाटन किया था। वर्षों तक शहरवासियों ने इस वाचनालय व पुस्तकालय का भरपूर उपयोग किया था। इसके बाद नगर पालिका के प्रशासनिक भवन का निर्माण हुआ। वर्ष 1984 में नगर पालिका अध्यक्ष चंचल कुमार डासवाणी के कार्यकाल में तत्कालीन टोंक विधायक महावीर प्रसाद जैन ने इस भवन का उद्घाटन किया था। दो मंजिला इस इमारत का निर्माण भी तीन चरणों में संपन्न हुआ था।
*यह होगा फायदा*
इमारत पूरी तरह साफ हो जाने के बाद रोडवेज बस स्टैंड के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध हो जाएगी, जिससे जाम की स्थिति समाप्त होगी। इसके अलावा यात्रियों को भी सुविधाएं मिल सकेगी।
*अभी रोड पर ही खड़ी होती है बसें*
वर्तमान में जयपुर व कोटा मार्ग पर जाने वाली रोडवेज बसें सड़क परी खड़ी होती है, जिससे अक्सर जाम लगा रहता है। लोगों ने बताया कि इस जाम की वजह से रोडवेज के कई चालक तो बसों को शहर में लाते ही नहीं है। सीधे बाईपास से ही निकल जाते हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही थी।